UP Budget 2026 में योगी सरकार ने धार्मिक पर्यटन को प्राथमिकता दी। अयोध्या, काशी, विंध्यवासिनी धाम और ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान।
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर अपने बजट में धार्मिक पर्यटन को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर धनराशि का प्रावधान किया गया है।
योगी सरकार के कार्यकाल में राज्य में धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसी रफ्तार को बनाए रखने के लिए इस बार के बजट में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
विंध्य क्षेत्र के मंदिरों के लिए विशेष बजट
बजट में मां विंध्यवासिनी मंदिर, मां अष्टभुजा मंदिर और मां काली खोह मंदिर के विकास, परिक्रमा मार्ग और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना
राज्य के कई प्राचीन मंदिरों को संरक्षित धरोहर घोषित किया गया है। इनके पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
also read: उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को मिली नई ताकत: योगी…
अयोध्या, काशी और विंध्य धाम पर विशेष ध्यान
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए सरकार ने अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इसके अलावा:
-
विंध्यवासिनी धाम के लिए 100 करोड़ रुपये
-
काशी धाम के लिए 100 करोड़ रुपये
नैमिषारण्य और ब्रज क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
सीतापुर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
वहीं, मथुरा-वृंदावन (ब्रज क्षेत्र) में तीर्थ विकास परिषद के बजट में बढ़ोतरी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा सके।
धार्मिक पर्यटन से बढ़ेगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था
सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों के विकास से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को राज्य की आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है।