हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकुला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित SWAT कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, उन्नत बुनियादी ढांचे और अत्याधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से मजबूत बनाकर राज्य की कानून व्यवस्था को देश में एक आदर्श के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और 5,500 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस अवसर पर उन्होंने 85 लाख रुपये की लागत वाला फायरिंग सिमुलेटर भी उद्घाटन किया, जो कर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुभव प्रदान करता है, जोखिम रहित परिदृश्यों में अभ्यास संभव बनाता है और फायरिंग की सटीकता व प्रतिक्रिया समय में सुधार करता है।
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इस SWAT बैच में 88 कर्मियों को आधुनिक हथियारों और विशेष परिचालन कौशल का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें 11 PSI और 77 अन्य रैंक शामिल थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि SWAT कमांडो बनना केवल एक पद नहीं बल्कि राज्य की सुरक्षा का जिम्मेदार संरक्षक बनना है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों ने आतंकवाद विरोधी अभियान, आमने-सामने की लड़ाई, ड्रोन संचालन, IED से निपटने और अग्निशमन जैसी तकनीकों में दक्षता हासिल की।
पंचकूला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में ‘स्वैट कमांडो कोर्स’ के छठे बैच के समापन समारोह में सम्मिलित होकर गर्व का अनुभव हुआ। हमारे जवानों ने आधुनिक हथियारों और उन्नत तकनीकों का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इस अवसर पर 85 लाख रुपये की लागत से बने ‘आभासी फायरिंग प्रशिक्षण… pic.twitter.com/yScBHmLT0K
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 17, 2026
पंचकुला कमांडो प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना 1984 में हुई थी और 4 मार्च 1985 से औपचारिक प्रशिक्षण शुरू हुआ। लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैले इस केंद्र में अब तक 25,700 कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। यहां 12 प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित होते हैं, जिनमें बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर SWAT कमांडो कोर्स शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा कि वर्तमान युग में आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर हमले और ड्रोन आधारित खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में SWAT जैसी विशेष इकाइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र को भविष्य में और अधिक उन्नत तकनीकों से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और अंतर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास शामिल होंगे।
सैनी ने प्रत्येक कर्मी से अपेक्षा व्यक्त की कि वे शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम बनें और राज्य एवं देश की सेवा में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करें।