राजस्थान की कैबिनेट ने बुधवार, 3 दिसंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैबिनेट ने छोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म कर केवल जुर्माने का प्रावधान लागू करने का निर्णय लिया। इसके अलावा नई पर्यटन नीति, अनुकंपा नियुक्ति, प्रवासी राजस्थानियों की नीति और एयरपोर्ट विकास के मामलों पर भी बड़े निर्णय लिए गए।
छोटे अपराधों में जेल की सजा खत्म, केवल जुर्माना
राजस्थान सरकार ने 11 कानूनों में संशोधन किया है, जिनमें मामूली भूल के कारण जेल जाने का प्रावधान था। अब ऐसे मामलों में केवल आर्थिक दंड देना होगा। कैबिनेट मंत्रियों जोगाराम पटेल और सुमित गोदारा ने बताया कि यह बदलाव लोगों को बेवजह जेल जाने से बचाने और “Ease of Living” व “Ease of Doing” को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
वन और पर्यावरण नियमों में बदलाव
पेड़ काटने पर जुर्माना पहले 100 रुपए था, जिसे अब 1000 रुपए कर दिया गया है। दूसरी बार ऐसा करने पर जुर्माना 2000 रुपए होगा। जंगल से लकड़ी काटने या वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर अब जेल नहीं, केवल जुर्माना लगेगा। वन विभाग के जंगलों में जानवर चराने पर भी कारावास नहीं, सिर्फ आर्थिक दंड रहेगा।
पानी की बर्बादी पर भी सिर्फ जुर्माना
पानी की अनावश्यक बर्बादी को लेकर कानून में संशोधन किया गया है। पहले कुछ मामलों में जेल का प्रावधान था, अब इसे केवल आर्थिक दंड में बदल दिया गया है।
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नई पर्यटन नीति को मंजूरी
राज्य सरकार ने नई पर्यटन नीति को हरी झंडी दी। इस नीति में धार्मिक, सांस्कृतिक और वीरता आधारित पर्यटन पर जोर दिया गया है। राजस्थान में धार्मिक स्थलों और शौर्य सर्किट के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी। शौर्य सर्किट में वीर सेनानियों की कहानियों को पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान पर्यटन के मामले में देश के टॉप-2 राज्यों में शामिल हो।
अनुकंपा नियुक्ति और प्रवासी राजस्थानियों के लिए राहत
अनुकंपा नियुक्ति के लिए मृतक आश्रितों को आवेदन करने की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई है। प्रवासी राजस्थानियों और नॉन-रेजिडेंशियल राजस्थानियों (NRRs) के लिए नीति में भी बदलाव किया गया है। राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर्स में इन्वेस्टमेंट कोऑर्डिनेटर नियुक्त होंगे।
भर्ती प्रक्रिया और एयरपोर्ट विकास
भर्ती परीक्षाओं में वेटिंग लिस्ट की वैधता 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है, जिससे चयन प्रक्रिया में लचीलापन और पारदर्शिता बढ़ेगी। अजमेर जिले के किशनगढ़ एयरपोर्ट को जयपुर एयरपोर्ट के विकल्प के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
राजस्थान सरकार के ये फैसले लोगों के जीवन में सुधार, प्रशासन में पारदर्शिता और राज्य के पर्यटन और अवसंरचना विकास को गति देने में मदद करेंगे।