राजधानी को प्रदूषण-मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने नगर निगम (MCD) को लगभग 1330 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक मदद प्रदान की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस राशि का उद्देश्य साफ-सफाई, सड़क निर्माण, स्कूल सुधार और सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार के लिए बताया। इसके अलावा, सामुदायिक भवनों के लिए 50 करोड़ रुपये का अलग बजट भी आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी के विकास में स्थानीय निकायों की भूमिका अहम है और इस सहयोग से MCD को अपने जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्त वर्ष 2026-27 में यह राशि 1000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण में खर्च होगी, जिससे धूल और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
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सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने 2300 करोड़ रुपये की लंबी अवधि योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर लगाए जाएंगे, जिससे सड़कें साफ-सुथरी और पर्यावरण के अनुकूल होंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार किया जाएगा। नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इन फंड से स्कूलों की इमारतें मजबूत होंगी, कक्षाओं को आधुनिक बनाया जाएगा और बच्चों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल तैयार होगा।
सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार के लिए भी 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि निगम के करीब 298 सामुदायिक भवनों में गरीब परिवार विवाह और अन्य कार्यक्रम करते हैं, इसलिए इनका सुधार जरूरी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह सहयोग सिर्फ बजट नहीं बल्कि दिल्ली के भविष्य में किया गया निवेश है। इन परियोजनाओं से नागरिकों को सफाई, सड़क सुविधा, बेहतर शिक्षा और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और राजधानी का जीवन स्तर सुधरेगा।