दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया, ईरान पर हमले से पहले इजरायल दौरे और अमेरिका के दबाव में भारत की नीतियों पर सवाल उठाए।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारत में बढ़ते तेल और गैस संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि ईरान पर हमले से सिर्फ एक दिन पहले पीएम मोदी इजरायल क्यों गए और वहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गले क्यों लगाया। उन्होंने पूछा, “इजरायल के साथ खड़ा होने की क्या जरूरत थी?”
केजरीवाल ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण है और वह अपने मित्र देशों रूस और चीन को वहां से तेल ले जाने की अनुमति दे रहा है। उन्होंने इसको भारत के हितों के खिलाफ बताया।
मोदी जी को युद्ध शुरू होने के एक दिन पहले इज़राइल जाने की क्या ज़रूरत थी? ऐसा करके उन्होंने पूरे देश को संकट में डाल दिया है। pic.twitter.com/IUV5d3yDnR
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 11, 2026
भारत को अमेरिका का गुलाम बनाना पड़ा?
अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी को कमजोर प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि शीत युद्ध के समय भी भारत ने किसी का पक्ष नहीं लिया और हमेशा गुट-निरपेक्ष नीति अपनाई। लेकिन आज भारत अमेरिका का “गुलाम” और उनका “उपनिवेश” बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हर बात मानते हैं।
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उन्होंने कहा, “अमेरिका ने कहा कि रूस से तेल मत खरीदो, भारत ने रोक दिया। फिर अमेरिका ने कहा कि रूस से तेल खरीदो, भारत ने खरीदना शुरू कर दिया।” इसके अलावा, केजरीवाल ने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय किसानों को नुकसान हुआ है, क्योंकि अमेरिका ने भारत पर 18% टैरिफ लगाया जबकि उनके उत्पादों पर शून्य टैरिफ था।
एलपीजी की आपूर्ति में संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के चलते भारत में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कई शहरों में गैस सिलेंडर की कमी हो रही है और लोग गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर निशाना साधा।
अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि सरकार को तेल और गैस संकट को गंभीरता से लेने की जरूरत है और अमेरिका के दबाव में अपनी नीतियों को बदलना देशहित में सही नहीं है।