किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या का असर पूरे शरीर पर पड़ता है। अगर शरीर में Protein का स्तर बढ़ जाए, तो यह किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं, Protein बढ़ने के लक्षण क्या हैं और इसे नियंत्रित करने के तरीके।
किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन गलत खानपान और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण इसमें कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शरीर में Protein का स्तर बढ़ने से भी किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि अधिक Protein किडनी को कैसे प्रभावित करता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं
ज्यादा Protein से किडनी पर बढ़ सकता है दबाव
शरीर में Protein का स्तर बढ़ने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। किडनी कमजोर होने पर शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में दिक्कत हो सकती है, जिससे किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर अधिक प्रोटीनयुक्त आहार के कारण शरीर में Protein का स्तर बढ़ता है। इसी वजह से, किडनी से जुड़ी समस्याओं के लक्षण दिखने पर डॉक्टर केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट) कराने की सलाह देते हैं, जिससे शरीर में Protein का स्तर जांचा जा सकता है।
शरीर में कितना होना चाहिए Protein का सही स्तर?
सामान्य स्थिति में शरीर में Protein का स्तर 6.4 से 8.3 ग्राम/डीएल (डेसिलीटर) के बीच होना चाहिए। यदि यह 8.3 ग्राम/डीएल से अधिक हो जाए, तो इसे हाई Protein माना जाता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, थकान, किडनी संबंधी दिक्कतें और यहां तक कि हृदय रोग का खतरा भी बढ़ सकता है। यदि आपको यूरिन में जलन, पेशाब करने में कठिनाई, कमर दर्द या लगातार कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
शरीर में Protein का स्तर कैसे नियंत्रित करें?
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संतुलित आहार लें – प्रोटीन का स्तर नियंत्रित रखने के लिए आहार में अनाज, फल और सब्जियों को शामिल करें।
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प्रोटीन युक्त भोजन सीमित करें – अधिक मात्रा में अंडे, मछली और दालों के सेवन से बचें, क्योंकि ये प्रोटीन की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
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नियमित व्यायाम करें – रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज से प्रोटीन के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
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पर्याप्त पानी पिएं – शरीर में प्रोटीन की अधिकता को नियंत्रित करने के लिए रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी पीना जरूरी है।