हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया, दोषी अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसानों की उपज का हर दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी और गड़बड़ी को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज फसल खरीद प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री राजेश नागर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी खरीद सत्र में जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों की उपज बिना किसी बाधा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जा सके। उन्होंने कहा कि अतीत में हुई अनियमितताओं का सख्त संज्ञान लिया गया है और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि धोखाधड़ी में शामिल पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अगर कोई शेलिंग कंपनी या कमीशन एजेंट अनियमितताओं में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि निरीक्षण केवल संबंधित विभाग की समिति द्वारा ही किया जाए, कोई भी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण न करे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल की संपूर्ण तकनीकी निगरानी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसान के खेत से मंडी और मंडी से छिलका उतारने तक की प्रक्रिया ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर ही हो रही है, इसलिए पोर्टल पर सटीक फसल डेटा अपडेट करना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में ग्राम सचिव, पटवारी और ब्लॉक अधिकारी शामिल होंगे, और हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (HARSEC) की रिपोर्टों के साथ समन्वय किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि आगामी खरीफ खरीद सत्र के लिए उन्नत तकनीक और विशेष व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं ताकि किसानों को मंडियों में अपनी उपज बेचते समय कोई परेशानी न हो। इसके लिए संभागीय स्तर पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।