स्किन पर बार-बार खुजली, सूखापन या रंग बदलना किडनी डैमेज का शुरुआती संकेत हो सकता है। जानें किडनी बीमारी के स्किन लक्षण और समय पर जांच की जरूरत।
यदि आपकी स्किन पर बार-बार खुजली, सूखापन या रंग में बदलाव हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह आपके शरीर में छिपी गंभीर किडनी की समस्या का पहला संकेत हो सकता है। किडनी शरीर से वेस्ट निकालने, खून को फिल्टर करने और मिनरल बैलेंस बनाए रखने का काम करती है। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में वेस्ट जमा होने लगता है और इसका असर सबसे पहले स्किन पर दिखाई देने लगता है।
किडनी डैमेज के शुरुआती लक्षण
1. रूखी और खुजलीदार स्किन: किडनी के एडवांस स्टेज में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे स्किन बहुत ज्यादा सूखी और खुजलीदार हो जाती है। यह मिनरल और बोन डिसऑर्डर का संकेत भी हो सकता है।
2. चेहरे और पैरों में सूजन: जब किडनी वेस्ट और अतिरिक्त फ्लूड बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में फ्लूड जमा होने लगता है। इसका असर सबसे पहले चेहरे, आंखों के आसपास, पैरों और हाथों में दिखाई देता है।
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3. स्किन का रंग फीका या पीला पड़ना: किडनी फेलियर में टॉक्सिन जमा होने से स्किन और आंखों का रंग पीला या फीका दिखाई देता है। एनीमिया भी किडनी की बीमारी से जुड़ा आम लक्षण है।
4. घाव, चकत्ते और लगातार खुजली: किडनी खराब होने पर खुजली दिन-रात परेशान कर सकती है। लगातार खुजलाने से स्किन पर घाव, निशान या मोटी गांठ बन सकती है। नेफ्रोलॉजिस्ट बताते हैं कि शरीर में फास्फोरस बढ़ने से भी खुजली बढ़ सकती है।
क्यों स्किन के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए?
कई बार ये स्किन के बदलाव किडनी रोग का पहला और स्पष्ट संकेत होते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, ड्राई स्किन, लगातार खुजली और स्किन रंग में बदलाव उन मरीजों में अक्सर देखने को मिलता है जिन्हें डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए किसी भी तरह की स्किन समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार से आप अपनी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं और गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।