पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में 4 साल में रिकॉर्ड प्रगति: 14,525 भर्ती, 12,316 नियमितीकरण, प्रधानाचारियों का सिंगापुर प्रशिक्षण, माता-पिता-शिक्षक बैठकें और छात्र सफलता।
पिछले चार वर्षों में पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों का मकसद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना और सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षा मानकों को स्थापित करना है।
भर्ती और कर्मचारियों का नियमितीकरण
शिक्षा विभाग में पिछले चार सालों में 14,525 कर्मचारियों की भर्ती की जा चुकी है। इसके साथ ही विभाग के 12,316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। इन कदमों से सरकारी स्कूलों में स्थिरता आई है और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।
ਪਿਛਲੇ 4 ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਸਿੱਖਿਆ ਖੇਤਰ ‘ਚ ਮਾਰੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਮੱਲਾਂ !!
ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੌਰਾਨ CM @BhagwantMann ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅੰਕੜੇ
👉🏻 ਹੁਣ ਤੱਕ 14,525 ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਭਰਤੀ
👉🏻 ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਦੇ 12,316 ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਰੈਗੂਲਰ
👉🏻ਵਧੀਆ ਸਿਖਲਾਈ ਲਈ ਹੁਣ ਤੱਕ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲਾਂ ਦੇ 8 ਬੈਚ… pic.twitter.com/isn9eajqpa— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 30, 2026
प्रधानाचार्यों का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रधानाचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अब तक प्रधानाचार्यों के 8 बैच सिंगापुर भेजे गए, जिससे स्कूल प्रशासन में नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को लागू करने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इससे शिक्षा के वैश्विक मानकों को अपनाने में मदद मिल रही है।
माता-पिता-शिक्षक बैठकें और पारदर्शिता
सरकार ने माता-पिता-शिक्षक बैठकें शुरू की हैं, जिसमें लाखों माता-पिता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इन बैठकों के जरिए बच्चों की गैरहाज़िरी और शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी सीधे माता-पिता को फोन पर भेजी जाती है। इससे स्कूल और परिवार के बीच बेहतर संवाद स्थापित हुआ है और शिक्षा के स्तर में सुधार को बढ़ावा मिला है।
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राज्य में शिक्षा सुधार की उपलब्धियाँ
इन चार वर्षों में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने पहली बार पूरे देश में नंबर 1 स्थान प्राप्त किया। पिछले तीन वर्षों में 740 छात्रों ने JEE परीक्षा में सफलता प्राप्त की, जबकि पिछले दो वर्षों में 1,284 छात्रों का NEET परीक्षा के लिए चयन हुआ।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये प्रयास पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। भर्ती, नियमितीकरण, प्रशिक्षण और माता-पिता की भागीदारी से बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है।