उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग को अनिवार्य करने का ऐलान किया है। यह निर्देश उन्होंने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान दिया।
मिशन कर्मयोगी: प्रधानमंत्री की परिवर्तनकारी पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि मिशन कर्मयोगी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है। इसका उद्देश्य ऐसे सक्षम और कुशल सरकारी कर्मचारियों का निर्माण करना है, जो भारतीय संस्कृति के मूल्यों के साथ आधुनिक सोच को अपनाते हुए बेहतर प्रशासन और शासन दे सकें। इस मिशन के माध्यम से प्रशासन अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और परिणाम आधारित बन रहा है।
आईगॉट प्लेटफॉर्म बना प्रशिक्षण का मुख्य माध्यम
बैठक में यह भी बताया गया कि सभी सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए iGOT (Integrated Government Online Training) डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म अब दुनिया का सबसे बड़ा सरकारी क्षमता निर्माण मंच बन चुका है, जहां लाखों कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य बना
iGOT कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। वर्ष 2025 में देशभर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश का था।
सात दिन का प्रशिक्षण होगा अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। इसे प्रमोशन और एसीआर (Annual Confidential Report) से भी जोड़ा जाएगा, ताकि कर्मचारी इसे गंभीरता से लें।
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AI और साइबर सिक्योरिटी कोर्स शामिल होंगे
सीएम योगी ने कहा कि सभी विभाग अपनी जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर iGOT पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही सभी पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य किया जाए।
सभी ट्रेनिंग सेंटर्स में नए पाठ्यक्रम
प्रदेश के सभी ट्रेनिंग सेंटर्स में कैपेसिटी बिल्डिंग से जुड़े नए पाठ्यक्रम बनाए जाएंगे। इससे नए प्रशिक्षणार्थियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रशासन और अधिक मजबूत होगा।
फील्ड कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज और नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए व्यवहारिक और जरूरत आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो।
बेहतर जनसेवा की दिशा में बड़ा कदम
सीएम योगी ने यह भी कहा कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक सोच के मेल से ही जनसेवा में सुधार संभव है। मिशन कर्मयोगी इसी सोच के साथ कार्य संस्कृति को मजबूत कर रहा है और प्रदेश में सुशासन को नई दिशा दे रहा है।