पंजाब सरकार का “सादे बुजुर्ग सदा मान” अभियान 16 जनवरी से शुरू, वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, मोतियाबिंद सर्जरी और कल्याण सेवाएं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि राज्य स्तरीय अभियान “सादे बुजुर्ग सदा मान” 16 जनवरी, 2026 से जिला एसएएस नगर (मोहाली) से प्रारंभ होगा।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है, और इसी संदर्भ में पंजाब सरकार ने 2023 से यह अभियान शुरू किया था। 2023 में आयोजित शिविरों में 20,110 वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण किया गया, जिसमें नेत्र और ईएनटी जांच, मोतियाबिंद सर्जरी, चश्मे का वितरण, पेंशन फॉर्म, वरिष्ठ नागरिक कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं प्रदान की गई थीं।
2026 में जिला-वार शिविरों के माध्यम से अभियान का विस्तार
डॉ. कौर ने कहा कि 2026 में यह अभियान पूरे राज्य में जिला-वार शिविरों के माध्यम से जारी रहेगा। इन शिविरों में वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, मोतियाबिंद सर्जरी, वृद्धावस्था संबंधी जांच, कान-नाक-गले की जांच, योग सत्र, कानूनी जागरूकता और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट और सहायता
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु राज्य कार्य योजना के तहत 786.83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, गैर-संचारी रोगों और मनोभ्रंश की जांच, वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं का प्रशिक्षण, मीडिया एवं जागरूकता अभियान शामिल हैं। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 भी संचालित है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, वृद्धाश्रम, डे-केयर सेंटर, जागरूकता अभियान और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। इसके माध्यम से मान सरकार की बुजुर्गों के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
कानूनी सुरक्षा और वृद्धाश्रम सहायता
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत बुजुर्गों के अधिकार सुरक्षित हैं। भरण-पोषण न्यायाधिकरणों और अपीलीय न्यायाधिकरणों के माध्यम से अब तक हजारों मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 14 जिलों के वृद्धाश्रमों को 6.82 करोड़ रुपये, और बरनाला व मानसा के डे-केयर सेंटरों को प्रति केंद्र 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही, मानसा जिले में 72 बिस्तरों वाले सरकारी वृद्धाश्रम का उद्घाटन 10 जनवरी, 2026 को किया जाएगा, जिसकी लागत 9.12 करोड़ रुपये है।
अंत में, डॉ. बलजीत कौर ने वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों से अपील की कि वे जिला स्तरीय शिविरों में भाग लें और पंजाब सरकार द्वारा प्रदान की जा रही मुफ्त सुविधाओं का लाभ उठाएं।