मंत्री हरपाल सिंह चीमा: कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के अपमानजनक बयानों पर विशेषाधिकार समिति को जांच के लिए भेजा गया प्रस्ताव

मंत्री हरपाल सिंह चीमा: कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के अपमानजनक बयानों पर विशेषाधिकार समिति को जांच के लिए भेजा गया प्रस्ताव

पंजाब विधानसभा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के अपमानजनक बयानों पर विशेषाधिकार समिति को जांच के लिए भेजा। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विधायक ने स्पीकर, मंत्रियों और AAP विधायकों का अपमान किया।

पंजाब विधानसभा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के मामले को विशेषाधिकार समिति को जांच के लिए भेजने का प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित किया। यह प्रस्ताव राज्य के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेश किया।

प्रस्ताव में बताया गया कि विधायक खैरा ने हाल ही में अपने अपमानजनक बयानों और असंसदीय व्यवहार से स्पीकर, मंत्रियों और आम आदमी पार्टी के विधायकों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर न केवल सदन के निर्वाचित सदस्यों बल्कि संविधान और जनता के जनादेश का अपमान किया।

also read: मान सरकार की रोजगार क्रांति: 818 युवाओं को सरकारी नौकरी,…

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में कहा कि यह मामला 10 मार्च, 2026 को सोशल मीडिया पर किए गए बयानों से उत्पन्न हुआ। उन्हें 11 मार्च को सदन में स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने का अवसर दिया गया, लेकिन विधायक खैरा ने अपने शब्दों को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, विपक्ष के वॉकआउट के दौरान खैरा द्वारा सदन से बाहर निकलते समय किए गए आपत्तिजनक शारीरिक हावभाव की भी कड़ी निंदा की गई।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इन हरकतों ने संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया है। कुछ विधायक सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने या मनोरंजन के उद्देश्य से संविधान और शपथ का उल्लंघन कर रहे हैं।” उन्होंने सदन से अपील की कि विशेषाधिकार समिति को मामले की गंभीर और व्यापक जांच सौंपी जाए, ताकि विधानसभा की गरिमा और पवित्रता बनी रहे।

यह मामला पंजाब विधानसभा में पेशेवर आचार और संसदीय मर्यादा की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related posts

किसानों के मुद्दे पर सियासत तेज, डॉ. बलजीत कौर ने अकाली नेतृत्व पर उठाए सवाल

AAP विधायक चैतर वसावा की मौजूदगी में खंभात में बड़ी रैली, दिखा चुनावी जोश

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल, प्रवीण राम ने गुजरात सरकार पर लगाए गंभीर आरोप