सौरभ भारद्वाज ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में कई प्राइवेट स्कूलों ने छात्रों को प्रवेश से रोका, DPS Dwarka में 30+ छात्रों के नाम हटा दिए गए। मध्यवर्गीय माता-पिता दबाव में हैं और सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही कई प्राइवेट स्कूलों ने छात्रों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया है, जिससे मध्यवर्गीय परिवारों में असमंजस और चिंता पैदा हो गई है। DPS द्वारका में 30 से अधिक छात्रों के नाम स्कूल की सूची से हटा दिए गए हैं।
सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि माता-पिता प्राइवेट स्कूल प्रबंधन के दबाव में आकर अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस पर कोई FIR या कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे परिवार और अधिक परेशान हैं।
Today as the new session begins, many Pvt schools have not allowed entry of students.
DPS Dwarka has struck off the names of 30+ students.
Middle class Parents being arm twisted and blackmailed have no option but to surrender in front of Pvt school management.
No FIR against… pic.twitter.com/u0X4dQkVvS
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 1, 2026
सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह कथित रूप से चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और माता-पिता और छात्रों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्राइवेट स्कूल मालिकों की लालच और मनमानी का उदाहरण है।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे शिक्षा के अधिकार और छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उनका मानना है कि प्राइवेट स्कूलों को नियमों के तहत जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने मीडिया के माध्यम से सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और छात्रों व माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।