इंग्लैंड में टीम इंडिया के टेस्ट इतिहास में जो पिछले 18 सालों से नहीं हो पाया, शुभमन गिल और Gautam Gambhir को पूरा करने का मौका

इंग्लैंड में टीम इंडिया के टेस्ट इतिहास में जो पिछले 18 सालों से नहीं हो पाया, शुभमन गिल और Gautam Gambhir को पूरा करने का मौका

Gautam Gambhir : भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में यह जानना अहम है कि इंग्लैंड की सरजमीं पर टीम इंडिया का टेस्ट रिकॉर्ड अब तक कैसा रहा है। क्या शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम उस 18 साल लंबे इंतजार को खत्म करने की काबिलियत रखती है?

टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा हमेशा से भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए एक कठिन अध्याय रहा है। स्विंग और सीम की मददगार इंग्लिश पिचों पर भारतीय खिलाड़ियों को हर बार सख्त परीक्षा से गुजरना पड़ा है – और इस बार भी यही चुनौती उनके सामने होगी। 1932 में भारत ने इंग्लैंड में अपना पहला टेस्ट खेला था, और तब से लेकर 2025 तक कई यादगार लम्हे और रिकॉर्ड बनाए हैं। अब 20 जून से शुरू हो रहे दौरे में कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के पास वो इतिहास रचने का मौका है, जो पिछले 18 वर्षों में कोई नहीं कर सका।

2007 में आखिरी सीरीज जीत – अब 18 साल का इंतजार
भारत ने इंग्लैंड में आखिरी टेस्ट सीरीज 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में अपने नाम की थी। अब सबकी निगाहें शुभमन गिल और गौतम गंभीर की जोड़ी पर टिकी हैं कि क्या वे इस लंबे इंतजार का अंत कर पाएंगे। मगर यह जानने से पहले इंग्लैंड में भारत के अब तक के टेस्ट रिकॉर्ड पर नजर डालना जरूरी है।

क्या कहता है भारत का इंग्लैंड में टेस्ट इतिहास?
भारत ने इंग्लैंड की सरजमीं पर अपना पहला टेस्ट 25 जून 1932 को लॉर्ड्स में खेला था। अब तक खेले गए 67 मुकाबलों में भारत सिर्फ 9 जीत सका है, जबकि 38 टेस्ट में उसे हार का सामना करना पड़ा। 20 मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि इंग्लैंड में जीत भारत के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।

भारत ने अब तक इंग्लैंड की सरजमीं पर 20 टेस्ट सीरीज खेली हैं, जिनमें सिर्फ तीन में ही उसे जीत मिली है। पहली जीत साल 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में 1-0 से दर्ज की गई थी। इसके बाद 1986 में कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने इंग्लैंड को 2-0 से हराया। तीसरी और आखिरी सीरीज जीत 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में 1-0 से मिली। इसके अलावा, 2021 की सीरीज भारत ने 2-2 से ड्रॉ कराई थी।

इंग्लैंड में भारत के टॉप बल्लेबाज और गेंदबाज
इंग्लैंड में भारतीय बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर रहे हैं, जिन्होंने 23 मैचों में 51 की औसत से 1571 रन बनाए। उन्होंने यहां सबसे ज्यादा 4 शतक लगाए हैं, जो कि राहुल द्रविड़ के भी बराबर हैं। इंग्लैंड में भारत की तरफ से सबसे बड़ी पारी (193 रन) सौरव गांगुली ने खेली थी।

गेंदबाजी की बात करें तो कपिल देव ने इंग्लैंड में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट (85) लिए हैं। उनका औसत 31.05 का रहा है। वहीं, किसी एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन ईशांत शर्मा के नाम है, जिन्होंने 2014 में लॉर्ड्स टेस्ट में 7 विकेट लेकर इंग्लैंड को झकझोर दिया था। इंग्लैंड में कपिल देव और अनिल कुंबले, दोनों ने 4-4 बार पारी में पांच विकेट लिए हैं।

इस बार युवा टीम के कंधों पर जिम्मेदारी
इतिहास को जानने के बाद अब नज़र डालते हैं मौजूदा टीम पर। इस बार की सीरीज 5 टेस्ट मैचों की होगी, जो 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और अश्विन जैसे दिग्गजों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यह दौरा युवा भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।

कप्तान शुभमन गिल का इंग्लैंड में टेस्ट औसत लगभग 35 का है, जबकि जसप्रीत बुमराह ने यहां 24.50 की औसत से 64 विकेट चटकाए हैं। यशस्वी जायसवाल ने 2021 के दौरे में 320 रन बनाए थे, और इस बार एक बार फिर उनकी तकनीक की परीक्षा होगी। शार्दुल ठाकुर ने हाल के अभ्यास मैच में 122* रन बनाकर और 4 विकेट लेकर ऑलराउंडर के रूप में अपनी अहमियत साबित की है।

क्या गिल-Gautam Gambhir की जोड़ी खत्म करेगी 18 साल का सूखा?
इंग्लैंड की तेज और स्विंग करती पिचें भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेंगी। जेम्स एंडरसन के बाद भी इंग्लैंड के पास एक नई, खतरनाक गेंदबाजी यूनिट तैयार है। वहीं इंग्लिश बल्लेबाजी भी भारत के गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। इसके बावजूद भारत के पास युवा जोश से भरी एक ऐसी टीम है, जो गजब का आत्मविश्वास रखती है। जिस तरह 2021 में इसी तरह की युवा टीम ने ऑस्ट्रेलिया को गाबा में हराकर 32 साल का सूखा खत्म किया था, वैसी ही उम्मीद इस बार इंग्लैंड में भी की जा रही है — कि गिल और गंभीर की अगुआई में टीम इंडिया 18 साल की सीरीज जीत का इंतजार खत्म कर दे।

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