शिवालिक हाथी कॉरिडोर में 4369 पेड़ों के कटान को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

शिवालिक हाथी कॉरिडोर में 4369 पेड़ों के कटान को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल हाई कोर्ट ने शिवालिक हाथी कॉरिडोर में सड़क चौड़ीकरण के तहत 4369 पेड़ों के कटान पर सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने ट्रांसप्लांट और बजट की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

नैनीताल हाई कोर्ट ने ऋषिकेश और भानियावाला के बीच स्थित शिवालिक हाथी कॉरिडोर में सड़क चौड़ीकरण के कारण 4369 पेड़ों के कटान को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार से ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों के लिए खर्च और बजट की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से 19 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। याचिका में दावा किया गया है कि हाथी कॉरिडोर में पेड़ों के कटान से जंगली जानवरों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और उनके आवास को नुकसान पहुंच रहा है।

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सरकार की ओर से बताया गया कि कुल 4369 में से 700 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया, लेकिन याचिकाकर्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि ट्रांसप्लांट का अधिकांश प्रयास सफल नहीं रहा। कोर्ट ने इस संबंध में ट्रांसप्लांट पर हुए खर्च का विवरण मांगा है और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

इससे पहले भी हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शिवालिक हाथी रिजर्व को संरक्षित किया गया था। याचिका में यह चिंता जताई गई है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित पेड़ों का कटान हाथियों और अन्य जंगली जानवरों के लिए खतरा साबित हो सकता है।

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