राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान: पीएम मोदी और अमित शाह ने सरदार पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान: पीएम मोदी और अमित शाह ने सरदार पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी और अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जानिए लौह पुरुष सरदार पटेल का राष्ट्र निर्माण में अद्वितीय योगदान और भारत को एकजुट करने की उनकी भूमिका।

स्मरणीय लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। देश के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत में 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड और सशक्त भारत की नींव रखी।

also read: मोदी सरकार का बड़ा फैसला: जनगणना 2027 डिजिटल होगी, बजट…

पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकजुट करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “अखंड और सशक्त भारतवर्ष के निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता।” पीएम मोदी ने सरदार पटेल की 75वीं पुण्यतिथि को आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रेरणा का अवसर बताते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ‘विकसित भारत’ के लिए ऊर्जा का स्रोत हैं।

अमित शाह का श्रद्धांजलि संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता के प्रतीक और मजबूत भारत के शिल्पकार बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने खंड-खंड बंटे भारत को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी एकीकृत कर देश को मजबूती प्रदान की। अमित शाह ने यह भी बताया कि सरदार पटेल ने महिलाओं और किसानों के स्वावलंबन के लिए सहकारी आंदोलन को प्रोत्साहित किया और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी।

सार्वजनिक योगदान और विरासत

गुजरात के नडियाद में 1875 में जन्मे सरदार पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के पहले गृह मंत्री के रूप में उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, शांति और स्थिरता को प्राथमिकता दी। 1950 में उनके निधन के बाद भी उनका योगदान और राष्ट्र निर्माण के लिए उनका दृष्टिकोण आज भी प्रेरणादायक बना हुआ है।

सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी और अमित शाह द्वारा अर्पित श्रद्धांजलि उनके योगदान को याद करने और राष्ट्रीय एकता के महत्व को फिर से उजागर करने का अवसर है।

Related posts

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ओडिशा दौरा, राउरकेला में जनसभा और कई परियोजनाओं का करेंगी उद्घाटन

हरिवंश निर्विरोध फिर बने राज्यसभा उपसभापति, सीपी राधाकृष्णन ने जताया भरोसा और सराहना

महिला आरक्षण कानून पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान: विपक्ष से राजनीतिकरण न करने की अपील, परिसीमन पर दिया भरोसा