पंजाब के उद्योग, वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन मंत्री संजीव अरोड़ा ने केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा ब्रिटेन की आधिकारिक निवेश यात्रा की मंजूरी न देने को “दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय” बताया। मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को रोकने का कोई स्पष्ट या उचित कारण नहीं बताया, जबकि इससे पहले जापान और दक्षिण कोरिया की यात्राओं में राज्य के निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई थी।
संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार वैश्विक निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, और विदेश मंत्रालय के इस कदम से इन प्रयासों को अनावश्यक झटका लगा है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह इस निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार करे।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया की पिछली आधिकारिक यात्राएँ बेहद सफल रही हैं और इनसे पंजाब में निवेशकों की रुचि काफी बढ़ी। उन्होंने कहा, “वैश्विक निवेश केवल रोजगार के अवसर ही नहीं पैदा करता, बल्कि राज्य और देश की आर्थिक वृद्धि में भी योगदान देता है। विदेश मंत्रालय का यह निर्णय पंजाब के आर्थिक विकास के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार अपनी प्रगति के प्रयासों से पीछे नहीं हटेगी।”
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संजीव अरोड़ा ने कहा कि कई विदेशी और भारतीय कंपनियाँ पंजाब में निवेश करने के इच्छुक हैं और राज्य तेजी से उनकी प्राथमिकता बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में हर संभव समर्थन दे रही है। मंत्री ने कहा, “हम वैश्विक संपर्क स्थापित करके यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और राज्य में स्थायी आर्थिक समृद्धि आए। हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमारी विदेश यात्रा को अस्वीकार करने के फैसले पर पुनर्विचार करे।”
उन्होंने पंजाब की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत सरकार ने राज्य को व्यापार में सुगमता के मामले में उत्कृष्ट मान्यता दी है और स्टार्टअप पहल में भी इसे सम्मानित किया गया। 2022 से अब तक पंजाब ने 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और 52 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजित किए हैं।