राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने दोषियों को कड़ी सजा की मांग की। AAP देशभर में प्रधानमंत्री को पत्र भेजने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाएगी।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए पार्टी देशभर में हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगी, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र पर नागरिकों से हस्ताक्षर करवाए जाएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि इस मामले में लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सुंदरकांड पाठ के बाद शुरू होगा अभियान
अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि रविवार को दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी।
उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इस अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़ा यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।
प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा हस्ताक्षरित पत्र
AAP प्रमुख के अनुसार, अभियान के तहत जुटाए गए हस्ताक्षरों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम भेजा जाएगा। पत्र में कथित चढ़ावा अनियमितता मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की जाएगी।
केजरीवाल ने कहा कि उनका मानना है कि इस मामले में न्याय होना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कथित तौर पर इस मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हर सनातनी और हर नागरिक को एकजुट होकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करनी चाहिए।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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कैसे शुरू हुआ राम मंदिर चढ़ावा विवाद?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन का आरोप लगाया था।
इन आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि आंतरिक ऑडिट में किसी तरह की बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई है।
एसआईटी जांच में हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच के आधार पर इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बाद में चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा भी दे दिया। हालांकि, उनके इस्तीफे और जांच के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्ष न्यायिक जांच की मांग कर रहा है, जबकि मामले की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
आने वाले दिनों में हस्ताक्षर अभियान और जांच से जुड़े घटनाक्रम इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और चर्चा में ला सकते हैं।