Tuesday, July 21, 2026

रक्षाबंधन 2026: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सूतक काल की पूरी जानकारी

by Versha
रक्षाबंधन 2026: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सूतक काल की पूरी जानकारी

रक्षाबंधन 2026 पर चंद्र ग्रहण लगेगा। जानें क्या राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर असर पड़ेगा और भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं।

Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat: साल 2026 का रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस बार रक्षाबंधन 2026 के दिन ही साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण की खबर सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसका असर राखी बांधने के शुभ समय पर पड़ेगा? क्या सूतक काल मान्य होगा? आइए जानते हैं 2026 के रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें।

रक्षाबंधन 2026 पर लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है। खगोलीय दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण घटना होगी, जिसके कारण इस त्योहार को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है।

द्रिक पंचांग के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 55 मिनट से शुरू होगा और दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे 35 मिनट की होगी।

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क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?

रक्षाबंधन के दिन पड़ने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के समय भारत में दिन का समय होगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। यही कारण है कि देश के किसी भी हिस्से से इस खगोलीय घटना को देखा नहीं जा सकेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी ग्रहण का प्रभाव तभी माना जाता है जब वह किसी स्थान से दिखाई दे। ऐसे में भारत में इस चंद्र ग्रहण का धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।

क्या रक्षाबंधन 2026 के शुभ मुहूर्त में होगा बदलाव?|  Raksha Bandhan 2026 Muhurat

चंद्र ग्रहण के कारण कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या राखी बांधने का शुभ समय बदल जाएगा। हालांकि, पंचांग और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

बहनें बिना किसी चिंता के शुभ समय में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी और भाई-बहन के प्रेम का यह त्योहार परंपरा के अनुसार मनाया जाएगा।

क्या रक्षाबंधन पर सूतक काल मान्य होगा?

हिंदू धर्म में ग्रहण से पहले सूतक काल का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर चंद्र ग्रहण से पहले सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों को लेकर कई नियमों का पालन किया जाता है।

लेकिन 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसका अर्थ है कि मंदिरों में पूजा रोकने, धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने या अन्य शुभ कार्यों को टालने की आवश्यकता नहीं होगी।

रक्षाबंधन 2026: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह 6 बजकर 10 मिनट से शुरू होगा। यह शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

राखी बांधने का शुभ समय: सुबह 6:10 बजे से 9:48 बजे तक
कुल अवधि: करीब 3 घंटे 37 मिनट

इस शुभ समय में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना कर सकती हैं।

रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग

रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व के दिन चंद्र ग्रहण का पड़ना एक दुर्लभ खगोलीय संयोग माना जा रहा है। हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक रूप से इसका प्रभाव नहीं माना जाएगा। इसलिए भाई-बहन इस पावन त्योहार को बिना किसी बाधा के श्रद्धा और उत्साह के साथ मना सकेंगे।

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