राजस्थान सरकार ने घर बैठे प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की फीस में 5 से 20 गुना तक वृद्धि की है। नई दरों के तहत दिव्यांगों, जेल में बंद व्यक्तियों के लिए शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राजस्थान सरकार ने घर बैठे प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की सुविधा महंगी कर दी है। वित्त विभाग ने सोमवार को जारी एक नई अधिसूचना में कहा कि इस सेवा के शुल्क को 5 से 20 गुना तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि, जेल में बंद व्यक्तियों, दिव्यांग और असमर्थ व्यक्तियों के लिए पुराने शुल्क को यथावत रखा गया है।
घर बैठे रजिस्ट्री के लिए नई शुल्क दरें
पहले जहां घर बैठे प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त ₹1000 शुल्क लिया जाता था, अब इसे तीन श्रेणियों में विभाजित कर दिया गया है:
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सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के क्षेत्र में: ₹5000 अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
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सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से बाहर, लेकिन राजस्थान राज्य के भीतर: इसके लिए ₹10,000 अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है।
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राजस्थान से बाहर रहने वाले व्यक्ति: इन लोगों को ₹20,000 अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा, ताकि प्रवासी राजस्थानियों को भी यह सुविधा मिल सके।
जेल में बंद व्यक्तियों और दिव्यांगों के लिए राहत
अगर कोई व्यक्ति जेल में बंद है और अपनी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराना चाहता है, तो रजिस्ट्री कर्मचारी जेल जाकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस स्थिति में शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है, और अतिरिक्त ₹50 शुल्क लिया जाएगा।
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दिव्यांग व्यक्तियों और जो लोग रजिस्ट्री कार्यालय नहीं जा सकते, उनके लिए घर जाकर रजिस्ट्री करने का शुल्क ₹100 रहेगा, जैसा पहले था। इसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है।
अन्य सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी
सरकार ने रजिस्ट्री से संबंधित अन्य सेवाओं के शुल्क भी बढ़ाए हैं। रजिस्टर्ड दस्तावेज डाउनलोड करने की फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹200 कर दी गई है। दस्तावेज़ निरीक्षण या सर्च शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹100 किया गया है, और दस्तावेज़ स्कैनिंग का शुल्क ₹300 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।
ई-पंजीकरण पोर्टल पर मिलती है सुविधा
ई-पंजीकरण वेबसाइट पर घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा पहले से उपलब्ध थी, और अब इसी सेवा के लिए बढ़ी हुई शुल्क दरें लागू कर दी गई हैं। इसमें आवेदक ऑनलाइन शुल्क जमा कर समय स्लॉट चुनते हैं, और फिर तय समय पर रजिस्ट्री कर्मचारी घर जाकर प्रक्रिया पूरी करते हैं।