राजस्थान में तीन MLA रिश्वतखोरी स्टिंग में फंसे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैंक अकाउंट फ्रीज और SIT जांच के आदेश दिए। जानें कौन-कौन विधायक शामिल और राजनीतिक प्रतिक्रिया।
राजस्थान में तीन विधायकों के खिलाफ रिश्वतखोरी का स्टिंग ऑपरेशन सामने आने से राजनीतिक हलचल मच गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों विधायकों के बैंक अकाउंट फ्रीज करने और मामले की जांच के लिए SIT (Special Investigation Team) बनाने के आदेश दिए हैं।
स्टिंग ऑपरेशन में क्या सामने आया?
राजस्थान में किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में तीन विधायक अपनी विधायक निधि (MLA Fund) को रिलीज कराने के बदले कमीशन मांगते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह मामला चीफ विजिलेंस कमिश्नर की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी को सौंपने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कोई भी व्यक्ति, कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर भ्रष्टाचार में दोषी पाया जाएगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
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स्टिंग में फंसे विधायक
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रेवंतराम डांगा: बीजेपी, खींवसर
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अनीता जाटव: कांग्रेस, हिंडौन
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ऋतु बनावत: निर्दलीय (वर्तमान में शिवसेना शिंदे गुट), बयाना
इसमें दो महिला विधायक भी शामिल हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने भी मामले में सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां, कांग्रेस और बीजेपी, फिलहाल सावधानी बरत रही हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर इन विधायकों की सदस्यता खतरे में भी पड़ सकती है। यह मामला राजस्थान सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति की पहली बड़ी परीक्षा बन गया है।