राजस्थान सरकार ने 2 से 15 अक्टूबर 2025 तक ‘सहकार सदस्यता अभियान’ की शुरुआत की है। पहले ही 1.5 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। जानिए कौन बन सकता है सदस्य, कैसे करें आवेदन, और क्या हैं अभियान की खास बातें।
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2025 तक ‘सहकार सदस्यता अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। सहकारिता विभाग इस अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की सहकारी समितियों में न्यूनतम 10% सदस्यता वृद्धि करना है।
सदस्यता के लिए बड़ी संख्या में आवेदन
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक के अनुसार, अभियान शुरू होने से पहले ही करीब 1.5 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 9 से 29 सितंबर तक चलाए गए पूर्व-तैयारी अभियान के दौरान सभी प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सहकारी समितियों को लेकर लोगों में उत्साह है।
कौन बन सकता है सदस्य?
अभियान के तहत, 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति, जो संबंधित सहकारी समिति के कार्यक्षेत्र का निवासी है, समिति की सदस्यता ले सकता है। इसके लिए जनाधार कार्ड और एसएसओ आईडी की आवश्यकता होगी। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इच्छुक व्यक्ति राज सहकार पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
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PACS विहीन पंचायतों में नई पहल
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार मंजू राजपाल ने बताया कि राज्य की लगभग 1,500 पैक्स-विहीन ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यहां प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी (PACS) के गठन हेतु प्रस्ताव और सदस्यता शुल्क एकत्र कर स्वीकृति प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इससे इन पंचायतों में भी सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
8,600 से ज्यादा PACS पर लगेंगे सदस्यता शिविर
राज्यभर में 8,600 से ज्यादा PACS पर सदस्यता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के दौरान न सिर्फ सदस्यता की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, बल्कि महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।
अन्य प्रमुख गतिविधियां
अभियान के अंतर्गत भूमिहीन PACS में गोदाम निर्माण के लिए भूमि चिन्हीकरण और आवंटन की कार्यवाही भी की जाएगी। साथ ही नवीन सहकारी कानून की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लंबित आवेदनों के लिए ई-केवाईसी और आधार सीडिंग का कार्य भी इन शिविरों में किया जाएगा।
ग्रामीण सेवा शिविरों से जागरूकता
PACS विहीन ग्राम पंचायतों में ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ लगाए जाएंगे, जहां लोगों को सहकारिता से जुड़ने के लाभ, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ऑन-द-स्पॉट आवेदन की सुविधा दी जाएगी। इससे दूरस्थ गांवों तक जागरूकता बढ़ेगी और अधिक लोग सहकारी आंदोलन से जुड़ सकेंगे।