राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस को चेतावनी दी, कहा बाहरी एजेंसियों की कार्रवाई पर स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी। अशोक गहलोत ने सरकार की कमजोरी पर जताई नाराजगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब की एजेंसियों ने राजस्थान में कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस को इसका कोई पता नहीं चला। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित आधुनिक पुलिसिंग सेमिनार के दौरान कहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर पुलिस को यह जानकारी होनी चाहिए थी कि दूसरे राज्यों की एजेंसियां राजस्थान में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि यदि राज्य की पुलिस को भी इसकी जानकारी न हो, तो यह पूरी व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस सिस्टम को सुधारना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
also read: राजस्थान के 65 लाख किसानों के खाते में जल्द आएगी…
पुलिस को दी कार्यशैली सुधार की चेतावनी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं और जनता को त्वरित राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाए हुए है और इसे पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी अधिकारी या कर्मी की कार्यप्रणाली में कमी पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की कमजोरी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र में भाजपा की ही सरकार होने के बावजूद वहां की एजेंसियों की कार्रवाई पर राजस्थान पुलिस अनजान रही।
गहलोत ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो आम जनता अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाएगी। उन्होंने कहा, “पुलिस का मनोबल गिराना और उसे नीचा दिखाना प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राजस्थान पुलिस को इतना लाचार और सूचना-विहीन किसने बनाया।