राज कुंद्रा ने 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PMLA कोर्ट के समन और संज्ञान आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ED को नोटिस जारी हुआ है।
बिजनेसमैन और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने कथित 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कानूनी पहल की है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामले में विशेष PMLA अदालत के संज्ञान आदेश और जारी किए गए समन को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
राज कुंद्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी।
राज कुंद्रा ने संज्ञान आदेश पर उठाए सवाल
राज कुंद्रा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि विशेष PMLA अदालत ने 5 जनवरी 2026 को ED की सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट पर संज्ञान लेते समय उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया।
याचिका में कहा गया है कि अदालत द्वारा संज्ञान लेने की प्रक्रिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर उन्होंने अदालत के आदेश और समन को रद्द करने की मांग की है।
also read: रामायण पार्ट 1 ट्रेलर रिलीज: रणबीर कपूर बने भगवान राम, यश…
क्या है बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग मामला?
यह मामला क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजना GainBitcoin से जुड़ा हुआ है। ED की जांच पुणे के निगडी पुलिस स्टेशन और नांदेड़ एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में 2018 में दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू हुई थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि अमित भारद्वाज और अन्य लोगों ने GainBitcoin योजना के जरिए निवेशकों को बिटकॉइन में ज्यादा रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर बड़ी रकम जुटाई। आरोप है कि बाद में कई निवेशकों को उनका पैसा और वादा किया गया लाभ वापस नहीं मिला।
ED ने लगाए 285 बिटकॉइन मिलने के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि राज कुंद्रा को इस कथित मामले से जुड़े करीब 285 बिटकॉइन मिले थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 150.47 करोड़ रुपये बताई गई है।
ED का दावा है कि राज कुंद्रा इन बिटकॉइन पर नियंत्रण बनाए हुए थे और उन्होंने कथित तौर पर संबंधित वॉलेट की जानकारी साझा करने या बिटकॉइन वापस करने से इनकार किया।
View this post on Instagram
ED ने दाखिल की थी सप्लीमेंट्री शिकायत
जांच एजेंसी ने 16 सितंबर 2025 को राज कुंद्रा को आरोपी नंबर-17 बनाते हुए विशेष PMLA अदालत में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी।
इसके बाद 5 जनवरी 2026 को विशेष अदालत ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज कुंद्रा को समन जारी किया था। अब इसी आदेश को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
राज कुंद्रा के वकील ने रखी ये दलील
राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि BNSS लागू होने के बाद किसी शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले आरोपी को सुनवाई का अवसर दिया जाना जरूरी है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि विशेष अदालत ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। याचिका में 5 जनवरी 2026 के संज्ञान आदेश और उसके आधार पर जारी समन को रद्द करने की मांग की गई है।
बॉम्बे हाई कोर्ट में आगे होगी सुनवाई
फिलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। इस मामले में अदालत के अगले फैसले पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।