Sunday, April 19, 2026

एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में Raghav Chadha को आमंत्रण, ऋषि सुनक और माइक पोंपियो के साथ सार्वजनिक नीति पर करेंगे चर्चा

by editor
एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में Raghav Chadha को आमंत्रण, ऋषि सुनक और माइक पोंपियो के साथ सार्वजनिक नीति पर करेंगे चर्चा

Raghav Chadha : इस सम्मेलन में अब तक दुनिया की कई नामचीन हस्तियां अपने विचार साझा कर चुकी हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और डेविड कैमरन, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स और ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

इस सम्मेलन में अब तक दुनिया की कई नामचीन हस्तियां अपने विचार साझा कर चुकी हैं। इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और डेविड कैमरन, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स और ब्लैकस्टोन के  सीईओ स्टीव श्वार्जमैन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

विश्व प्रसिद्ध एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस एक ऐसा मंच है जहां दुनियाभर के प्रमुख नेता शिरकत करते हैं और एशिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर चर्चा करते हैं। चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस एशिया के सबसे बड़े सम्मेलन में राजनीति, व्यापार, शिक्षा और समाज से जुड़े 320 से अधिक वैश्विक नेता और 2,500 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।

इस बार सांसद राघव चड्डा ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, एशिया फाउंडेशन की अध्यक्ष लॉरेल ई. मिलर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, मिलकेन इंस्टीट्यूट की उपाध्यक्ष लॉरा लेसी, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, रैंड के आर्थिक रणनीति विभाग के निदेशक डैनियल एगेल, हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के संस्थापक डीन विलियम्स और कनाडा इंटरनेशनल साइंटिफिक एक्सचेंज प्रोग्राम की निदेशक शॉना नोवाक जैसे महत्वपूर्ण नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे।

एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (ALC 2025) का थीम और महत्वपूर्ण मुद्दे
इस बार एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस का थीम “राष्ट्रों का उदय: बड़ी तरक्की की राह” रखा गया है। यह आयोजन दक्षिण कोरिया की आजादी की 80वीं और कोरियाई युद्ध की 75वीं सालगिरह के अवसर पर किया जा रहा है। इस सम्मेलन में हेल्थ, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, ताकि इन चुनौतियों से निपटने के प्रभावी समाधान खोजे जा सकें।

दो प्रमुख विषयों पर राघव चड्ढा के विचार
एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में सांसद राघव चड्ढा दो महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। पहले विषय में वे “नयी राजनीतिक नेतृत्व: एशिया में गवर्नेंस में युवाओं की भूमिका” पर बात करेंगे। इसमें वे अपनी 33 साल की उम्र में राज्यसभा के सबसे युवा सांसद बनने की कहानी, अपने राजनीतिक सफर और गवर्नेंस पॉलिसी में अपनी समझ साझा करेंगे। इसके साथ ही युवा नेताओं को राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और सरकार के सिस्टम को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी प्रकाश डालेंगे।

दूसरे विषय में वे “स्वास्थ्य, जलवायु और संघर्ष के दौर में देशों को संकट से बचाने के उपाय” पर चर्चा करेंगे। इस दौरान वे दिल्ली में आप सरकार के तहत मोहल्ला क्लीनिक जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में हुए सुधार और कोविड-19 के समय इसका लाभ कैसे मिला, इस पर जानकारी देंगे। साथ ही साफ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करने के प्रयासों के जरिए सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की उनकी पहल को भी उजागर करेंगे।

ALC 2025 में शामिल होना गर्व की बात
सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भारत और उसके युवाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए इस प्रतिष्ठित मंच में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि एशिया आज बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इस ऐतिहासिक मंच से भारत की सोच, अनुभव और नवाचार साझा करना उनके लिए सम्मान की बात है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऋषि सुनक, माइक पोंपियो और लॉरा लेसी जैसे दिग्गज नेताओं के साथ मंच साझा करना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। यह अवसर भारत की कहानी, युवा नेतृत्व, लोकतंत्र और वैश्विक सहयोग को एशिया के इस प्रमुख मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा मौका है।

ग्लोबल इकनॉमिक फोरम में भी सक्रिय भूमिका
सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में ग्लोबल इकनॉमिक फोरम (WEF) ने यंग ग्लोबल लीडर (YGL) चुना है। यह सम्मान 40 वर्ष से कम उम्र के ऐसे नेताओं को दिया जाता है, जो बेहतर भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे अपनी नीति समझ, युवा नेतृत्व और शासन में नवाचार के लिए जाने जाते हैं। दिल्ली सरकार में रहते हुए उन्होंने स्वास्थ्य, जल और वित्त जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार भी किए हैं।

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