पंजाब सरकार ने निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत दी। 45,578 श्रमिकों को 146.77 करोड़ रुपये का लाभ, अर्जियों की प्रक्रिया घटाकर 62 दिन की गई, श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं में सुधार।
पंजाब में भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने निर्माण श्रमिकों की अर्जियों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल करते हुए समय सीमा 165 दिन से घटाकर केवल 62 दिन कर दी है।
इस फैसले की जानकारी देते हुए तरुणप्रीत सिंह संध ने कहा कि इस बदलाव से हजारों श्रमिक समय पर वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
45,578 श्रमिकों को मिला लाभ
श्रम मंत्री के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से अब तक 45,578 निर्माण श्रमिकों को लगभग 146.77 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है। यह पिछली सरकार के अंतिम वर्ष के आंकड़ों की तुलना में कई गुना अधिक है, जब केवल 4,977 श्रमिकों को 14.73 करोड़ रुपये का लाभ मिला था।
सरकार का दावा है कि नई प्रक्रिया के कारण लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि दोनों में वृद्धि हुई है।
प्रक्रियाओं को और आसान बनाने की तैयारी
पंजाब सरकार ने Punjab Building and Other Construction Workers Welfare Board के कामकाज को और सुचारु बनाने के लिए कई सुधार किए हैं। सरकार का लक्ष्य भविष्य में इस समय सीमा को 45 दिन तक घटाना है, ताकि श्रमिकों को सहायता जल्दी मिल सके।
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श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
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बेटियों के लिए बालड़ी तोहफा योजना
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एक्स-ग्रेशिया लाइफ कवर
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अंतिम संस्कार के लिए वित्तीय सहायता
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मातृत्व लाभ
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गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायता
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60 वर्ष की आयु पर पेंशन तथा पारिवारिक/विधवा पेंशन
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बेटियों के विवाह के लिए शगुन योजना
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मजदूरों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहारा प्रदान करना है।
श्रमिकों से पंजीकरण की अपील
श्रम मंत्री ने राज्य के सभी निर्माण श्रमिकों से अपील की है कि वे बोर्ड में अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।