पंजाब सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला श्रमिकों और कारीगरों के सम्मान और उनके योगदान को समर्पित है।
मजदूरों और कारीगरों को मिलेगा सम्मान
इस एक दिवसीय विशेष सत्र को पूरी तरह से देश के मेहनतकश श्रमिकों को समर्पित किया जाएगा, जो सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में विधानसभा में आमंत्रित किया जाएगा।
ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਕੈਬਨਿਟ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਫੈਸਲਾ ਲੈਂਦਿਆਂ 1 ਮਈ ਨੂੰ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇਜਲਾਸ ਬੁਲਾਉਣ ਦਾ ਫ਼ੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਹ ਇੱਕ ਦਿਨਾਂ ਇਜਲਾਸ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਤੇ ਆਰਥਿਕ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਵਡਮੁੱਲਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਵਾਲੇ ਮਿਹਨਤਕਸ਼ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਅਤੇ ਕਿਰਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਹੋਵੇਗਾ। ਇਸ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਤਹਿਤ… pic.twitter.com/LnvtR3PZpH
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 28, 2026
श्रमिक मुद्दों पर होगी विस्तृत चर्चा
सत्र के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक वर्ग से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जाएगी। इसमें MGNREGA योजना में किए गए बदलावों के प्रभाव और उनके श्रमिकों पर पड़ने वाले असर पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
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लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अन्य कार्य भी होंगे शामिल
विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी इस सत्र में पूरे किए जाएंगे, ताकि राज्य के विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।
सरकार की श्रमिक हितैषी पहल
पंजाब सरकार का कहना है कि यह विशेष सत्र श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने और उनकी समस्याओं को सीधे नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।