पंजाब में 2025 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति

पंजाब में 2025 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति

पंजाब ने 2025 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। बठिंडा नगर निगम को स्वच्छ शहर पुरस्कार, GIS-आधारित जल एवं सीवरेज डिजिटलीकरण, ई-ऑटो और ई-बस पहल से राज्य में स्वच्छता और सार्वजनिक परिवहन में सुधार हुआ।

पंजाब ने वर्ष 2025 के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बठिंडा नगर निगम को भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण में स्वच्छ शहर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न शहरी स्थानीय निकाय (ULB) कई श्रेणियों में शीर्ष रैंकिंग प्राप्त करने में सफल रहे।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में उपलब्धियां

स्थानीय सरकार मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि 131 शहरी स्थानीय निकायों में पुराने और ताजे कचरे के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। कुल 84.09 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से 40.78 लाख टन का प्रबंधन पूरा हो चुका है, जबकि शेष 43.31 लाख टन कचरे को अप्रैल 2027 तक निपटाने की योजना बनाई गई है।

ताजे कचरे के प्रबंधन के लिए घर-घर संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण और प्रसंस्करण पर जोर दिया गया। कुल 4008 टन प्रतिदिन ठोस कचरे में से 3243 टन (81%) गीले कचरे का कंपोस्टिंग और बायो-मेथनेशन के माध्यम से निपटान किया जा रहा है। सूखा कचरा पुनर्चक्रण के लिए तैयार किया गया है, जिसे स्क्रैप डीलर और कचरा संग्राहक उपयोग कर सकते हैं।

इसके लिए 9812 तिपहिया वाहन और 3162 यांत्रिक वाहन तैनात किए गए हैं। कचरे के निपटान के लिए 8436 खाद गड्ढे (वायवीय मधुकोश) और 276 सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधाएं निर्मित की गई हैं।

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स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में तेजी

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और सुल्तानपुर लोधी में कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। लुधियाना में 71 परियोजनाएं 769.18 करोड़ रुपये में पूरी हो चुकी हैं, जबकि 8 परियोजनाएं 138.05 करोड़ रुपये में निर्माणाधीन हैं। अमृतसर में 19 परियोजनाएं 580 करोड़ रुपये में पूरी हुई हैं, जबकि 10 परियोजनाएं 245 करोड़ रुपये में चल रही हैं। जालंधर स्मार्ट सिटी में 56 परियोजनाएं 771.57 करोड़ रुपये में पूरी हुई हैं और 4 परियोजनाएं 162.88 करोड़ रुपये में निर्माणाधीन हैं। सुल्तानपुर लोधी में 6 परियोजनाएं 29.57 करोड़ रुपये में पूरी हुई हैं और 14 परियोजनाएं 136.28 करोड़ रुपये में प्रगति पर हैं।

इसके अलावा, PIDB फंड के माध्यम से 166 शहरी स्थानीय निकायों में 850 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचागत कार्य किए गए। नगर निगम के कोष से 1700 करोड़ रुपये और 5 नगर निगमों व 49 नगर परिषदों में 450 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी पूरे किए गए।

पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के कदम

अमृतसर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए 1200 पुराने डीज़ल ऑटो-रिक्शा को इलेक्ट्रिक ऑटो से बदल दिया गया। साथ ही 200 गुलाबी ई-ऑटो महिलाओं को 90% सब्सिडी के साथ दिए गए। प्रमुख शहरों जैसे अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली में 447 ई-बसें खरीदी जा रही हैं, जिससे शून्य उत्सर्जन वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली सुनिश्चित होगी।

डिजिटल मैपिंग और जीआईएस तकनीक

अमृतसर के 16 कस्बों और सुल्तानपुर लोधी के जल आपूर्ति और सीवरेज नेटवर्क का जीआईएस-आधारित डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। ‘राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (SASCI) 2024-25’ योजना के तहत 32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। 103 ULB के लिए सीवरेज मैपिंग और 105 ULB के लिए जल आपूर्ति मैपिंग को अंतिम रूप दिया गया।

डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि स्थानीय सरकार विभाग ने घर-घर जाकर सेवाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। पंजाब सरकार की ये पहलें राज्य में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्मार्ट शहर और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नया मानक स्थापित कर रही हैं।

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