मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सख्त प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता दिखाई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने साझा की।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत जनवरी 2026 तक राज्य सरकार ने कुल ₹5,748 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। इस पहल के जरिए 35.70 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित और निर्बाध वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता वृद्धावस्था पेंशन, विधवाओं और बेसहारा महिलाओं के लिए, अनाथ बच्चों, और विकलांग व्यक्तियों के लिए प्रदान की जा रही है। विवरण के अनुसार:
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वृद्धावस्था पेंशन: ₹3,806.43 करोड़
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विधवा और बेसहारा महिलाओं के लिए: ₹1,099.97 करोड़
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अनाथ और आश्रित बच्चों के लिए: ₹385.94 करोड़
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विकलांग व्यक्तियों के लिए वित्तीय सहायता: ₹456.03 करोड़
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं हैं। यह लाखों परिवारों के लिए आशा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “जब कोई वरिष्ठ नागरिक पेंशन प्राप्त करता है, कोई विधवा आत्मनिर्भर बनती है, या दिव्यांग व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम होता है, तो यह शासन की वास्तविक सफलता है।”
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मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति उपेक्षित न महसूस करे। सभी सरकारी सहायता सम्मान, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचे।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए ₹6,175 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे राज्य में हाशिए पर पड़े वर्गों की आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सके।
पंजाब सरकार की यह पहल यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक न्याय के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।