पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर सख्त नियम लागू किए हैं। अब सालाना 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ेगी और अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटानी होगी।
अमृतसर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पिछले 24 घंटों में अभिभावकों से मिली सैकड़ों शिकायतों के मद्देनजर पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभिभावकों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल बिना किसी नियंत्रण के फीस में भारी बढ़ोतरी कर रहे हैं। बच्चों के भविष्य और माता-पिता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है।
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अब सालाना 5% से अधिक फीस वृद्धि नहीं
नई व्यवस्था के अनुसार, पंजाब के किसी भी निजी स्कूल को अब प्रति वर्ष 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। यह सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सभी अनिवार्य शुल्कों पर भी लागू होगी।
अधिक वसूली गई फीस लौटानी होगी
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि पिछले तीन वर्षों में जिन स्कूलों ने 15 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि की है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी।
ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੀ ਦੁਖਦਾਈ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਪਿਛਲੇ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਵਿੱਚ ਮੈਨੂੰ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਮਨਮਰਜ਼ੀ ਨਾਲ ਫੀਸਾਂ ਵਧਾਉਣ ਬਾਰੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੇ ਸੈਂਕੜੇ ਫੋਨ ਆਏ ਹਨ। ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਇਸ ਵੱਡੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ‘ਤੁਹਾਡੀ ਸਰਕਾਰ’ ਨੇ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਖ਼ਤ ਅਤੇ ਅਹਿਮ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਹੈ।
ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਕੋਈ ਵੀ… pic.twitter.com/9INPfDQLH6— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 3, 2026
जल्द जारी होगा ऑर्डिनेंस
इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक ऑर्डिनेंस जारी करेगी, जिसके बाद यह नियम तुरंत लागू हो जाएगा।
शिक्षा में मनमानी पर रोक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह देश का सबसे सख्त फीस नियंत्रण कानून होगा और किसी भी स्कूल को इसमें छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के नाम पर हो रहे शोषण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस फैसले से निजी स्कूलों की फीस संरचना में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है और अभिभावकों को राहत मिलने की संभावना है।