पंजाब सरकार की OTS-2025 योजना से ₹110 करोड़ की वसूली, ₹38,477 करोड़ की कर राहत। योजना की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक बढ़ी।
पंजाब सरकार की बकाया राशि एकमुश्त निपटान योजना (OTS-2025) को जबरदस्त सफलता मिली है। राज्य के वित्त, उत्पाद शुल्क एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक ₹110 करोड़ की वसूली की जा चुकी है, जबकि व्यापारियों और करदाताओं को ₹38,477 करोड़ की अभूतपूर्व कर राहत प्रदान की गई है।
मंत्री चीमा ने कहा कि 1 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई ओटीएस-2025 योजना को राज्यभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 7,654 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की मुकदमेबाजी की बजाय स्वैच्छिक अनुपालन को प्राथमिकता देने की नीति पूरी तरह सफल रही है।
उद्योग जगत की मांग पर बढ़ी अंतिम तिथि
व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत से मिले सकारात्मक फीडबैक को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ओटीएस-2025 की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस विस्तार से पात्र करदाताओं को अपनी देनदारियों की समीक्षा करने और सरल, पारदर्शी तरीके से निपटान करने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
100% ब्याज और जुर्माना माफ
वित्त मंत्री ने दोहराया कि ओटीएस-2025 योजना के तहत सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों पर वित्तीय बोझ में भारी कमी आई है। यह योजना Ease of Doing Business को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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प्राथमिक कर पर स्लैब-वार छूट
ओटीएस-2025 के तहत मूल कर (Principal Tax) पर भी आकर्षक छूट दी जा रही है:
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₹1 करोड़ तक की मांग पर 50% छूट
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₹1 करोड़ से ₹25 करोड़ तक की मांग पर 25% छूट
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₹25 करोड़ से अधिक की मांग पर 10% छूट
यह राहत पंजाब सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1948 की धारा 14-बी और पंजाब वैट अधिनियम, 2005 की धारा 51 के अंतर्गत आने वाली मांगों पर भी लागू है।
करदाताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील
हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारियों और करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस एकमुश्त अवसर का पूरा लाभ उठाएं और राज्य के राजस्व में सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो करदाता इस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे, उनके मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन
सरकारी खाद्यान्न एजेंसियों को छोड़कर, सभी पात्र करदाता फॉर्म OTS-01 भरकर अपने संबंधित राज्य कर सहायक आयुक्त (ACST) कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।