Saturday, April 18, 2026

पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में स्कूली छात्रों के लिए मॉक विधानसभा सत्र आयोजित किया, डिजिटल और पेपरलेस प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम

by Neha
पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में स्कूली छात्रों के लिए मॉक विधानसभा सत्र आयोजित किया, डिजिटल और पेपरलेस प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम

पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में स्कूली छात्रों के लिए मॉक विधानसभा सत्र आयोजित किया। डॉ. रवजोत सिंह ने डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली के तहत NEVA ऐप से विधानसभा कार्यवाही की आधुनिक सुविधाओं और छात्रों के नेतृत्व कौशल विकास पर जोर दिया।

संविधान दिवस और श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर, पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में राज्य के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए विशेष मॉक विधानसभा सत्र का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को राजनीति और नेतृत्व में भाग लेने के लिए प्रेरित करना और उन्हें भावी नेताओं के रूप में तैयार करना है।

इस कार्यक्रम में पंजाब के संसदीय कार्य मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें विभिन्न नेताओं की भूमिका निभाने के अवसर दिए। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही भविष्य के नेता हैं और सरकार की यह पहल उनके राजनीतिक कौशल और नेतृत्व क्षमता को निखारने में मदद करेगी।

डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि चालू वर्ष में भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) से जुड़े विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किए गए थे। इसके साथ ही, 2023 से पंजाब विधानसभा का संपूर्ण कामकाज डिजिटल और पेपरलेस हो गया है। अब सदन की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से संचालित होती है, जिससे कागज का उपयोग पूरी तरह समाप्त हो गया है।

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इसके तहत विधानसभा में पहली बार राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) परियोजना लागू की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से विधायकों और प्रशासनिक सचिवों को डिजिटल कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, डिजिटल विंग स्थापित किया गया है, जिसमें आईटी सेल, एनआईसी सेल, NEVA सेवा केंद्र, उच्च तकनीक नियंत्रण कक्ष और नेटवर्क नियंत्रण कक्ष शामिल हैं।

NEVA ऐप की मदद से विधानसभा की कार्यवाही अब लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से जनता तक पहुंचती है, जिससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ी है। दस्तावेज़ अब डिजिटल रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं और सदस्यों तथा कर्मचारियों को कागज रहित सुविधाओं का लाभ मिलता है। इस कदम से विधानसभा की कार्यक्षमता और पारदर्शिता दोनों में सुधार हुआ है।

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