Saturday, April 18, 2026

पंजाब के कानूनी माप विज्ञान विभाग की बड़ी उपलब्धि: अप्रैल–दिसंबर 2025 में 1.40 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह

by Neha
पंजाब के कानूनी माप विज्ञान विभाग की बड़ी उपलब्धि: अप्रैल–दिसंबर 2025 में 1.40 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह

पंजाब के कानूनी माप विज्ञान विभाग ने अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 1.40 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया। निरीक्षण, चालान और कंपाउंडिंग फीस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, उपभोक्ता संरक्षण को मिली मजबूती।

पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अंतर्गत कार्यरत कानूनी माप विज्ञान विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग ने अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि में 1.40 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि की तुलना में काफी अधिक है। उस दौरान विभाग ने लगभग 1 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक राजस्व संग्रह किया था।

राजस्व वृद्धि के साथ-साथ विभाग की निरीक्षण और प्रवर्तन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल 22,133 निरीक्षण किए गए, जबकि 2024-25 में यह संख्या 18,419 थी। इसी तरह, चालानों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में 2,230 चालान जारी किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,397 चालान काटे गए थे।

कंपाउंडिंग फीस के क्षेत्र में भी विभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के चलते इस मद में संग्रह बढ़कर 1.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार को दर्शाता है।

also read: पंजाब में आंगनवाड़ी, प्राइमरी और प्लेवे स्कूलों के लिए…

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारुचक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में भी इसी लगन, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

गौरतलब है कि कानूनी माप विज्ञान विभाग की मानक प्रयोगशालाएं वर्तमान में अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में संचालित हो रही हैं। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सरहिंद और खन्ना में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है।

कानूनी माप विज्ञान विभाग का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को बाजार में बेची और खरीदी जा रही वस्तुएं निर्धारित वजन, माप और आयतन के अनुरूप ही प्राप्त हों। विभाग की यह सक्रियता न केवल उपभोक्ता हितों की रक्षा करती है, बल्कि बाजार में पारदर्शिता और विश्वास को भी मजबूत करती है।

यह बढ़ता हुआ राजस्व संग्रह और निरीक्षण कार्य विभाग की सख्त निगरानी नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है, जिससे पंजाब में उपभोक्ता संरक्षण को नई मजबूती मिली है।

You may also like

कंगना रनौत ने चिराग पासवान संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, कहा– ‘होता तो बच्चे होते! इंटरफेथ शादी पर बवाल: ट्रोलिंग से टूटी कनिका, वीडियो में छलका दर्द ,बोलीं—“असली सनातनी बनो” 44 की उम्र में दुल्हन बनेंगी अनुषा दांडेकर?, ‘Save the Date’ ने मचाया तहलका 40 की उम्र में सिंगल, प्यार में मिला धोखा, नहीं बनना चाहतीं मां, शक्ति मोहन का चौंकाने वाला फैसला सुरों की मलिका Asha Bhosle का निधन, 92 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा