डॉ. बलजीत कौर: पंजाब सरकार की बाल विवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 2025-26 में 64 मामलों में समय रहते हस्तक्षेप

डॉ. बलजीत कौर: पंजाब सरकार की बाल विवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 2025-26 में 64 मामलों में समय रहते हस्तक्षेप

पंजाब सरकार ने 2025-26 में बाल विवाह के 64 मामलों को समय रहते रोका। डॉ. बलजीत कौर ने बाल विवाह उन्मूलन के लिए 2,000+ अधिकारियों की तैनाती की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रभावी और ठोस कदम उठा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां पूरी तरह से बाल-केंद्रित, संवेदनशील और परिणाम आधारित हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने बाल विवाह के 64 संभावित मामलों में समय रहते दखल देकर बच्चों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मान सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत किसी भी बच्चे के अधिकारों पर खतरा आते ही तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की जाती है।

मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आम जनता से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो लोग बिना देरी के नजदीकी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी से संपर्क करें या बाल हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित किया जा सके।

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उन्होंने बताया कि पंजाब में नियुक्त सभी बाल विवाह रोकथाम अधिकारियों का विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल विवाह मुक्त पोर्टल पर उपलब्ध है। इससे नागरिकों को संबंधित अधिकारियों तक आसानी से पहुंच बनाने में मदद मिलती है और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है।

राज्य सरकार द्वारा उठाए गए प्रशासनिक कदमों की जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब के सभी जिलों और ब्लॉकों में कुल 2,076 बाल विवाह निवारण अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत सभी जिलों में बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर निगरानी मजबूत हुई है और शुरुआती चरण में ही हस्तक्षेप संभव हो पाया है।

अंत में मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सुरक्षित भविष्य और राज्य को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में ठोस, समयबद्ध व प्रभावी प्रयास जारी रहेंगे।

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