पंजाब सरकार ने राज्य के स्कूलों में युवाओं को स्व-रोज़गार की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) पाठ्यक्रम को तैयार कर लिया है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने, रोजगार सृजन करने और स्टार्टअप की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल की जानकारी दी और बताया कि इस पाठ्यक्रम को लागू करने से विद्यार्थियों को न केवल व्यावहारिक उद्यमिता के बारे में सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि यह उन्हें आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी तैयार करेगा।
उद्यमिता पाठ्यक्रम के लाभ और उद्देश्य
पंजाब शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा के लिए तैयार किया गया उद्यमिता पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अपने विचारों को वास्तविक उद्यमों में बदलने की क्षमता प्रदान करेगा। इसमें स्टार्टअप से जुड़ी चुनौतियां, कानूनी प्रक्रियाएं, वित्तीय प्रबंधन, बजट तैयार करना और अन्य महत्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे। इससे छात्रों को न केवल उद्यमिता का ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे भविष्य में रोजगार देने वाले उद्यमियों के रूप में उभर सकेंगे।
पाठ्यक्रम का उद्देश्य राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार सृजन की दिशा में उन्हें सक्षम बनाना है। इस पहल से पंजाब के युवा ना केवल रोजगार पाने में सक्षम होंगे, बल्कि वे रोजगार देने की दिशा में भी कदम बढ़ा सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को पूरा करता है, जिसमें युवाओं को स्व-रोज़गार, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े व्यावहारिक कौशल देने की बात की गई है।
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उद्यमिता को अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया गया
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 12वीं कक्षा में उद्यमिता को एक अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया गया है। इसके तहत, 2026-27 तक लगभग 5.60 लाख विद्यार्थी इस विषय को पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही, शिक्षा बोर्ड ने 11वीं कक्षा में पहले ही बिज़नेस ब्लास्टर प्रोग्राम की शुरुआत की थी, जो बहुत सफल रहा। अब बोर्ड ने 3,692 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में इस पाठ्यक्रम को लागू किया है और 104 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 10,382 शिक्षकों और 231 मास्टर ट्रेनरों को उद्यमिता शिक्षा में प्रशिक्षित किया है।
पाठ्यक्रम की तैयारियां और भविष्य की योजनाएं
पंजाब शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा के लिए पाठ्यक्रम और पाठ्य-पुस्तकों को पहले ही तैयार कर लिया है, जिससे कोई भी बाधा नहीं होगी। अगले अकादमिक वर्ष 2026-27 से पंजाब के विद्यार्थियों को इस विषय की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य के युवाओं को उद्यमिता के सिद्धांतों को समझने का और उसे व्यावहारिक जीवन में लागू करने का मौका मिलेगा। इस पहल से राज्य में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की भूमिका
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के युवाओं के लिए इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना न केवल छात्रों के लिए एक शिक्षा का अवसर है, बल्कि यह पंजाब के आर्थिक विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार लाना है और युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे न केवल रोजगार प्राप्त कर सकें, बल्कि रोजगार सृजन में भी भागीदार बन सकें।