पंजाब में संजीव अरोड़ा के घर ED की बार-बार कार्रवाई पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र पर उठाए सवाल।
पंजाब की राजनीति में उस समय तेज हलचल देखने को मिली जब प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) द्वारा संजीव अरोड़ा के आवास पर कथित रूप से की गई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई। यह मामला पिछले एक साल में तीसरी बार और पिछले एक महीने में दूसरी बार चर्चा में आने के बाद और अधिक संवेदनशील हो गया है।
हालांकि अब तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी बड़े खुलासे या ठोस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान का केंद्र पर निशाना
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जिसकी पहचान संघर्ष, आत्मसम्मान और साहस से जुड़ी रही है, और यहां की जनता किसी भी तरह के दबाव या राजनीतिक रणनीति के आगे झुकने वाली नहीं है।
आज फिरसे BJP की ED संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में ये तीसरी बार उनके घर BJP की ED आई है। और पिछले एक महीने में दूसरी बार। फिर भी कुछ नहीं मिला है इनको। मैं मोदी जी को बताना चाहता हूँ कि पंजाब गुरुओं की धरती है औरंगजेब भी नहीं झुका सका था। ये भगत सिंह की धरती है जो अंग्रेजों…
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 9, 2026
विपक्ष और सत्ता पक्ष में आरोप-प्रत्यारोप
इस मुद्दे को लेकर राज्य में सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सत्ताधारी पक्ष का आरोप है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियां अपने संवैधानिक दायरे में काम कर रही हैं और यह कार्रवाई कानून व्यवस्था के तहत की जा रही नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।
संजीव अरोड़ा मामला बना राजनीतिक बहस का केंद्र
इस पूरे घटनाक्रम में संजीव अरोड़ा का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। बार-बार की जा रही जांच और कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे पंजाब की सियासत और अधिक गरमा गई है।