13 नवंबर को पंजाब के शेर-ए-पंजाब, महाराजा रणजीत सिंह की जयंती मनाई जाती है। इस दिन का ऐतिहासिक महत्व सिख समुदाय के लिए विशेष होता है, क्योंकि यही वह तारीख है जब महान सिख सेनापति ने मातृभूमि की सेवा में अपने जीवन को समर्पित किया था। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महाराजा रणजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को समाज में प्रेरणा का स्रोत बताया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी बधाई और समाज में बदलाव की अपील
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, “महान सिख सेनापति, शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की जयंती पर सभी को कोटि-कोटि बधाई। महाराजा जी ने हर वर्ग और धर्म के लोगों को स्वतंत्रता और न्याय दिलाया। उनका अद्वितीय शासन और उनके विचार आज भी हमारे आदर्श हैं। आइए हम सभी मिलकर उनके समान समाज बनाने में अपना योगदान दें।”
ਮਹਾਨ ਸਿੱਖ ਜਰਨੈਲ, ਸ਼ੇਰ-ਏ-ਪੰਜਾਬ ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ਦੀਆਂ ਆਪ ਸਭ ਨੂੰ ਲੱਖ ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ। ਹਰ ਵਰਗ, ਹਰ ਧਰਮ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਆਜ਼ਾਦੀ ਤੇ ਨਿਆਂ ਪ੍ਰਸਤ ਰਾਜ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸਾਡੇ ਆਦਰਸ਼ ਰਹਿਣਗੇ। ਆਓ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਲਾਮਿਸਾਲ ਰਾਜ ਪ੍ਰਬੰਧ ਵਰਗੇ ਸਮਾਜ ਦੀ ਸਿਰਜਣਾ ਲਈ ਆਪਣਾ ਬਣਦਾ ਯੋਗਦਾਨ… pic.twitter.com/IuEMj1VtTk
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) November 13, 2025
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर सभी धर्मों और वर्गों के लोगों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया और एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने की अपील की।
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शेर-ए-पंजाब की जयंती पर पंजाब में उत्सव का माहौल
महाराजा रणजीत सिंह की जयंती पर पंजाब में उत्सव का माहौल देखा गया। सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारों में पहुंचकर कीर्तन-भजन और लंगर आयोजित कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों की मदद की जा सके। सिख इतिहास में महाराजा रणजीत सिंह के योगदान को याद करते हुए उनकी वीरता और मातृभूमि की रक्षा के लिए किए गए बलिदानों पर चर्चा की जा रही है।
महाराजा रणजीत सिंह: भारतीय इतिहास के महान नायक
महाराजा रणजीत सिंह का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सिख साम्राज्य के विकास में अहम था। उन्होंने न केवल पंजाब बल्कि पूरे भारत में शांति और न्याय की मिसाल कायम की। उनके शासनकाल में सिख साम्राज्य का विस्तार हुआ और उन्होंने अनेक समाजिक और धार्मिक सुधार किए, जो आज भी सिख समुदाय और पंजाब के लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।