पंजाब में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए मान सरकार ने ऐतिहासिक प्रयास किए हैं। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने एक बड़े जनसभा में इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार न केवल किसानों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ा रही है, बल्कि भूमिगत जल संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
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नहर पानी की पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि
2022 से पहले नहर का पानी केवल 5,700 एकड़ खेतों तक पहुंचता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में अब यह क्षेत्र बढ़कर 22,000 एकड़ हो गया है। इस विस्तार से राज्य के हजारों किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है। साथ ही फिरोजपुर फीडर और सिरहिंद नहर की क्षमता को बढ़ाया गया है, जिससे नहर का पानी भाखड़ा नहर के बराबर उपलब्ध हो सके, वह भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के।
ਖੇਤਾਂ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ‘ਚ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਉਪਰਾਲੇ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @barinder_goyal ਨੇ ਵੱਡੀ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਸੰਬੋਧਨ
👉🏻 2022 ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿਰਫ਼ 5700 ਏਕੜ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਤੇ ਹੁਣ ਵਧ ਕੇ ਹੋਇਆ 22 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ
👉🏻 ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਫੀਡਰ ਤੇ ਸਰਹਿੰਦ ਕੈਨਾਲ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਵਧਾ ਕੇ ਬਿਨਾਂ… pic.twitter.com/QipobsXpgc— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 30, 2026
भूमिगत जल संरक्षण और बुनियादी ढांचा विकास
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले दिन से ही भूमिगत जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नहर के पानी की पहुंच बढ़ाने के लिए घड़ाम डिस्ट्रिब्यूटरी का नींव पत्थर रखा गया। इस परियोजना के लिए ₹6,500 करोड़ की राशि का निवेश किया जाएगा, जिससे नहर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके और कृषि भूमि में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
सतत कृषि और मान सरकार की दूरदर्शिता
किसानों को पानी की पर्याप्त आपूर्ति और भूमिगत जल संरक्षण के जरिए मान सरकार पंजाब के कृषि भविष्य को सुरक्षित कर रही है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि यह पहल राज्य की सतत कृषि, जल संसाधन प्रबंधन और किसानों की दीर्घकालिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।