पंजाब कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले: महिलाओं और विकास के लिए ऐतिहासिक पहल

पंजाब कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले: महिलाओं और विकास के लिए ऐतिहासिक पहल

पंजाब कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में महिलाओं, औद्योगिक सुधार और विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए। जानें ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’, PSPCL/PSTCL नियम बदलाव और सतलुज नदी डी-सिल्टिंग के बारे में।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ये फैसले प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक कल्याण को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।

महिलाओं के लिए ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’

कैबिनेट ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ को मंजूरी दी। इस योजना के तहत महिलाओं को ₹1000 से ₹1500 प्रति माह की सम्मान राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाना है।

योजना विभाग में नई भर्तियाँ

सरकार ने योजना विभाग में 70 नई सीधी भर्तियों को मंजूरी दी है। यह कदम विभागीय दक्षता बढ़ाने और योजनाओं के लाभ को जनता तक तेजी से पहुँचाने में सहायक होगा।

औद्योगिक सुधार और निवेश प्रोत्साहन

पंजाब कैबिनेट ने लीज़होल्ड औद्योगिक प्लॉट्स को फ्रीहोल्ड में बदलने की नीति में संशोधन को हरी झंडी दी। इसके अलावा, PSPCL और PSTCL में भर्ती नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होगी।

पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर बिल 2026 को भी मंजूरी दी गई, जो औद्योगिक क्षेत्रों में साझा बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाएगा।

also read: मेरठ में महाराजा सूरजमल जी की प्रतिमा का उद्घाटन,…

पर्यावरण और संसाधन संरक्षण

सरकार ने सतलुज नदी की डी-सिल्टिंग और झारखंड कोल माइंस के लिए स्टाफ नियुक्ति को मंजूरी दी। इससे जल संसाधनों का संरक्षण होगा और खानों में कुशल मानव संसाधन सुनिश्चित होंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये फैसले पंजाब को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। सरकार लगातार प्रदेश के हर नागरिक के लिए विकास, समृद्धि और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related posts

डॉ. सुमिता मिश्रा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की

हरियाणा राजस्व विभाग ने सिटिजन हेल्पडेस्क की शुरुआत, 48 घंटे में शिकायत निवारण अनिवार्य

लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विवाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप