पंजाब में मान सरकार ने पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। ग्रामीण लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों को गुणवत्तापूर्ण किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इस पहल के तहत ग्रामीण लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों में मानक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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शिक्षण संस्थानों को मिलेंगी गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें
नई व्यवस्था के अनुसार, पंजाब भाषा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थानों को उनकी खरीद मूल्य के बराबर किताबें या सामग्री प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों तक आसान पहुंच मिल सके।
ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਕਿਤਾਬ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੇ ਪਸਾਰੇ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਚੰਗਾ ਕਦਮ!
ਪੇਂਡੂ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀਆਂ, ਸਕੂਲਾਂ ਅਤੇ ਕਾਲਜਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਗੀਆਂ ਮਿਆਰੀ ਅਤੇ ਗਿਆਨ ਭਰਪੂਰ ਕਿਤਾਬਾਂ
ਸੰਸਥਾ ਵੱਲੋਂ ਖ਼ਰੀਦੀ ਕੀਮਤ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਕਿਤਾਬਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਵਾਏਗਾ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿਭਾਗ ਪੰਜਾਬ, ਨਿਰਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ pic.twitter.com/2YYbnDZKfb
— AAP Punjab (@AAPPunjab) May 15, 2026
इस योजना का उद्देश्य छात्रों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करना है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां अच्छी पुस्तकों की उपलब्धता सीमित है।
शिक्षा और ज्ञान के विस्तार पर जोर
सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्रों में अध्ययन और संदर्भ पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे युवाओं को अधिक ज्ञान और बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास की दिशा में कदम
मान सरकार का कहना है कि पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देना सामाजिक और बौद्धिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। इस योजना के माध्यम से राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।