पंजाब विधानसभा ने तीन महत्वपूर्ण राजस्व संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए। हरदीप सिंह मुंडियन ने बताया कि ये कदम व्यवसाय सुगमता, स्वामित्व अधिकार और डिजिटल रिकॉर्ड को मजबूत करेंगे।
पंजाब विधानसभा ने आज विशेष सत्र में राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन द्वारा प्रस्तुत तीन प्रमुख राजस्व संशोधन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित किया। इन विधेयकों का उद्देश्य व्यवसाय में आसानी, स्वामित्व अधिकारों की तेजी और डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को मजबूत करना है।
1. भारतीय स्टाम्प (पंजाब द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025
मुंडियन ने बताया कि इस संशोधन से स्वामित्व विलेख जमा करने, बंधक रखने और समतागत बंधक से संबंधित स्टाम्प शुल्क को युक्तिसंगत बनाया गया है। अब एक ही ऋण लेनदेन पर एक बार शुल्क लगेगा और शुल्क की उच्चतम सीमा निर्धारित की जाएगी। इससे लेनदेन लागत कम होगी और लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ मिलेगा।
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2. पंजाब आबादी देह (अधिकार अभिलेख) संशोधन विधेयक, 2025
मंत्री ने कहा कि इस विधेयक से “मेरा घर मेरे नाम” योजना के तहत आपत्तियों और अपीलों की समयसीमा कम की गई है। इसका उद्देश्य आबादी देह क्षेत्रों के निवासियों को स्वामित्व अधिकार जल्दी सुनिश्चित करना है, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
3. पंजाब भूमि राजस्व (संशोधन) विधेयक, 2025
मुंडियन ने बताया कि भूमि राजस्व अधिनियम, 1887 में संशोधन के बाद राजस्व अधिकारियों के समक्ष मामलों का निपटारा तेज होगा। गैर-वादी पक्षों को अनावश्यक तलब से बचाया जाएगा और डिजिटल अभिलेख एवं डिजिटल हस्ताक्षरों को कानूनी मान्यता मिलेगी। यह कदम नागरिकों की कठिनाइयों को कम करेगा और पूरे राज्य में डिजिटल अभिलेख प्रणाली को मजबूत करेगा।