Tuesday, August 4, 2026

Punjab Assembly: जसवंत सिंह खालरा मुद्दे पर हरपाल चीमा का अयाली पर हमला, अकाली दल से पूछे सवाल

by Neha
Punjab Assembly: जसवंत सिंह खालरा मुद्दे पर हरपाल चीमा का अयाली पर हमला, अकाली दल से पूछे सवाल

Punjab Assembly: पंजाब विधानसभा में जसवंत सिंह खालरा मामले को लेकर हरपाल सिंह चीमा ने मनप्रीत सिंह अयाली पर निशाना साधा। जानें पूरी राजनीतिक बहस।

Punjab Assembly: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को मानवाधिकार उल्लंघन और जसवंत सिंह खालरा मामले को लेकर जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिली। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली के आरोपों पर पलटवार करते हुए सवाल उठाए कि जब अकाली दल-भाजपा गठबंधन सत्ता में था, तब इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

चीमा ने कहा कि आज विधानसभा में मानवाधिकार और पीड़ितों के न्याय की बात करना आसान है, लेकिन जब सत्ता में रहते हुए कदम उठाने का अवसर था, तब नेताओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी।

जसवंत सिंह खालरा मामले पर अयाली को घेरा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जसवंत सिंह खालरा के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि अकाली नेताओं ने उस समय इस मामले को उतनी मजबूती से नहीं उठाया, जब उनके पास सरकार में रहते हुए कार्रवाई करने का अधिकार था।

उन्होंने सवाल किया कि अकाली दल-भाजपा सरकार के कार्यकाल में मनप्रीत सिंह अयाली और अन्य नेताओं ने खालरा मामले में खुलकर अपनी आवाज क्यों नहीं उठाई।

चीमा ने अयाली पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उन्होंने न सिर्फ अपनी राजनीतिक स्थिति बदली है, बल्कि अपने रुख में भी बदलाव किया है और संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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कांग्रेस शासनकाल की घटनाओं का किया जिक्र

विधानसभा में बहस के दौरान हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पंजाब में कई गंभीर घटनाएं हुईं, जिनसे लोगों की भावनाएं आहत हुईं और कई मामलों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप सामने आए।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से प्रभावित लोगों को न्याय मिलना जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में सत्ता में आई अकाली दल-भाजपा सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल नहीं रही।

अकाली दल-भाजपा सरकार पर उठाए सवाल

चीमा ने कहा कि अकाली दल-भाजपा गठबंधन ने अपने चुनावी वादों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और जवाबदेही तय करने की बात कही थी, लेकिन सरकार बनने के बाद इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर वह वास्तव में पीड़ितों के लिए न्याय चाहते थे तो सत्ता में रहते हुए ठोस फैसले क्यों नहीं लिए गए।

विधानसभा में गरमाया राजनीतिक माहौल

जसवंत सिंह खालरा मामले, बेअदबी की घटनाओं और मानवाधिकार मुद्दों को लेकर पंजाब विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों ने एक-दूसरे पर पिछली सरकारों के दौरान हुई घटनाओं से निपटने में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। इस दौरान पंजाब की राजनीति में पुराने संवेदनशील मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए।

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