पंजाब में श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े राजनीतिक नियुक्तियों पर विवाद तेज। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संगत को अंतिम निर्णयकर्ता बताया।
पंजाब की राजनीति में उस समय नई बहस शुरू हो गई जब सिखों के सर्वोच्च धार्मिक स्थान श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ी राजनीतिक नियुक्तियों और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा तेज हो गई। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है।
धार्मिक और राजनीतिक नियुक्तियों पर संगत के समक्ष मामला
मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया है कि श्री अकाल तख्त साहिब से संबंधित राजनीतिक नियुक्तियों का विषय अब संगत (संग्रह) के विचाराधीन है। इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की राय सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक माहौल में बहस तेज हो गई है।
आरोपों पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक पदों पर बैठे लोग राजनीतिक समर्थन के साथ उनके खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले यही लोग कानून बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अब उसी कानून पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में 2 दिसंबर को कथित स्वीकारोक्ति हुई थी और बाद में बयान बदले गए, उन पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ਸਰਬਉੱਚ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ‘ਤੇ ਹੋਈਆਂ ਸਿਆਸੀ ਨਿਯੁਕਤੀਆਂ ਦੇ ਫ਼ੈਸਲੇ ਸੰਗਤ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਹਨ!
ਵੱਡੇ ਧਾਰਮਿਕ ਅਹੁਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਬੈਠੇ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਸਿਆਸੀ ਆਕਾਵਾਂ ਦੀ ਸ਼ਹਿ ‘ਤੇ ਮੇਰੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕੂੜ ਪ੍ਰਚਾਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਹੀ ਲੋਕ ਪਹਿਲਾਂ ਇਹ ਸਵਾਲ ਕਰਦੇ ਸੀ ਕਿ ਕਨੂੰਨ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਬਣਾਉਂਦੇ ਤੇ ਹੁਣ ਕਹਿੰਦੇ ਕਨੂੰਨ ਕਿਉਂ ਬਣਾਇਆ ਕਿਉਂ ਕਿ… pic.twitter.com/gBM5MDK38q
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 16, 2026
“अंतिम निर्णय संगत का” पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय हमेशा गुरु-रूपी संगत और पवित्र सभा द्वारा ही लिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वह हमेशा पंजाब और जनता के हितों के लिए काम करते रहेंगे।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी हलचल
इस बयान के बाद पंजाब के राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों और नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील बन गया है।