कृषि अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के चलते पंजाब को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था के लिए राज्य को दो अहम राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एआईएफ क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान पंजाब को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य और सर्वश्रेष्ठ राज्य परियोजना निगरानी इकाई के पुरस्कार प्रदान किए गए।
मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक पंजाब में एआईएफ योजना के अंतर्गत कुल 31,076 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग ₹11,270 करोड़ का कुल निवेश हुआ है, जबकि विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा ₹7,221 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। यह आंकड़े राज्य में कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाते हैं।

एआईएफ योजना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए मोहिंदर भगत ने कहा कि इस योजना के तहत किसानों और कृषि उद्यमियों को ₹2 करोड़ तक के ऋण पर अधिकतम 7 वर्षों के लिए 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके चलते लाभार्थियों के लिए प्रभावी ब्याज दर लगभग 9 प्रतिशत तक सीमित रहती है, जिससे कृषि आधारित निवेश को बढ़ावा मिलता है।
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ये प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत सरकार के संयुक्त सचिव अनबलगन पी (आईएएस) और उप सचिव (एआईएफ) रचना कुमार (आईएएस) द्वारा प्रदान किए गए। पंजाब सरकार की ओर से बागवानी निदेशक एवं एआईएफ योजना की राज्य नोडल अधिकारी शैलेंद्र कौर (आईएफएस) ने पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं, राज्य परियोजना निगरानी इकाई की तरफ से टीम लीडर रवदीप कौर और सलाहकार युवराज औलख को सम्मानित किया गया।
मंत्री ने आगे बताया कि किसानों और उद्यमियों की सुविधा के लिए राज्य के बागवानी विभाग ने एक विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9056092906 शुरू किया है, जिसके माध्यम से एआईएफ योजना से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कृषि अवसंरचना को और अधिक मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और राज्य को कृषि नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।