पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसदों के कथित दलबदल को लेकर बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। इस मुद्दे पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री और सभी विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
also read: पंजाब की राजनीति में बड़ा बयान: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने…
पंजाब सरकार में मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के समक्ष उन राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग रखी, जिन्होंने जनता के जनादेश के खिलाफ जाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
मुलाकात के दौरान पंजाब के नेताओं ने ‘राइट टू रिकॉल’ (Right to Recall) प्रणाली को लागू करने की भी मांग उठाई, ताकि यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास के विपरीत कार्य करता है तो उसे वापस बुलाने का कानूनी अधिकार नागरिकों को मिल सके।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਵਿਸ਼ਵਾਸਘਾਤ ਕਰਕੇ ਭਾਜਪਾ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ ਰਾਜ ਸਭਾ ਸਾਂਸਦਾਂ ਦੀ ਮੈਂਬਰਸ਼ਿਪ ਰੱਦ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਅਤੇ ਸਮੂਹ ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਨੇ ਅੱਜ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ. @BhagwantMann ਜੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਮਾਣਯੋਗ President of India ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ ਦ੍ਰੌਪਦੀ ਮੁਰਮੂ ਜੀ ਅੱਗੇ ਆਪਣਾ ਪੱਖ ਰੱਖਿਆ… pic.twitter.com/8nSow2Rwkb
— Aman Arora (@AroraAmanSunam) May 5, 2026
AAP नेताओं ने कहा कि यह पूरा कदम पंजाब की जनता के जनादेश की रक्षा के लिए उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें देश में “लेन-देन आधारित राजनीति” को बढ़ावा दे रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पूरी तरह एकजुट है और किसी भी तरह की अलोकतांत्रिक गतिविधियों का मजबूती से विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब के नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने और जनादेश का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए है।