पीआरटीपीडी बोर्ड की अहम मंजूरी से पंजाब में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति

पीआरटीपीडी बोर्ड की अहम मंजूरी से पंजाब में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति

पीआरटीपीडी बोर्ड ने डेरा बाबा नानक, नांगल, बरनाला और नाभा के मास्टर प्लानों को मंजूरी दी। इससे पंजाब में नियोजित, टिकाऊ शहरी विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

पंजाब में सुव्यवस्थित और टिकाऊ शहरी विकास को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, पंजाब क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन एवं विकास (पीआरटीपीडी) बोर्ड ने राज्य के चार प्रमुख शहरों—डेरा बाबा नानक, नांगल, बरनाला और नाभा—के मास्टर प्लानों को स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय मंगलवार को पंजाब भवन में आयोजित बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता पंजाब के आवास एवं शहरी विकास मंत्री एस. हरदीप सिंह मुंडियन ने की, जो पीआरटीपीडी बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य, स्थानीय सरकार, निवेश प्रोत्साहन और विद्युत विभाग के प्रभारी मंत्री श्री संजीव अरोड़ा भी उपस्थित रहे। लोक निर्माण मंत्री श्री हरभजन सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

नए मास्टर प्लान से निवेश और रोजगार को बढ़ावा

पीआरटीपीडी बोर्ड द्वारा स्वीकृत मास्टर प्लानों से संबंधित क्षेत्रों में नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इन योजनाओं के तहत औद्योगिक हब, आधुनिक आवासीय कॉलोनियों और वाणिज्यिक परिसरों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे न केवल राज्य में निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में भी मदद मिलेगी।

also read: पंजाब ने अंतर्राष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड 2025 के…

ज़ोनिंग नियमों में संशोधन को भी हरी झंडी

बैठक में मौजूदा मास्टर प्लानों और एकीकृत ज़ोनिंग विनियमों में आवश्यक संशोधनों को भी मंजूरी दी गई। विशेष रूप से अधिसूचित सड़कों के किनारे निर्माण निषेध क्षेत्रों से जुड़े नियमों पर फोकस किया गया। इन बदलावों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, भविष्य में सड़क चौड़ीकरण को सुगम बनाना और अव्यवस्थित निर्माण पर नियंत्रण रखना है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा, आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री विकास गर्ग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत सचिव श्री अजीत बाला जी जोशी, स्थानीय सरकार विभाग के सचिव श्री मनजीत सिंह बराड़, तथा राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन सचिव श्रीमती सोनाली गिरि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

दीर्घकालिक शहरी रणनीति को मिली मजबूती

विशेषज्ञों के अनुसार, पीआरटीपीडी बोर्ड की ये स्वीकृतियां पंजाब की दीर्घकालिक शहरी विकास नीति के लिए एक बड़ा कदम हैं। यह निर्णय राज्य सरकार की संतुलित, बुनियादी ढांचे पर आधारित और पर्यावरण-अनुकूल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।

Related posts

डॉ. सुमिता मिश्रा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की

हरियाणा राजस्व विभाग ने सिटिजन हेल्पडेस्क की शुरुआत, 48 घंटे में शिकायत निवारण अनिवार्य

लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विवाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप