राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों से शिक्षा को वंचितों के उत्थान और सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाने की अपील की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा, ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम भी है।
शिक्षा बने सामाजिक बदलाव का साधन
आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों की भलाई के लिए करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा को सामाजिक सुधार और सशक्तिकरण का माध्यम बनाना चाहिए।
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समाज को वापस देने की जिम्मेदारी जरूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “समाज को कुछ वापस देने की जिम्मेदारी आपकी है। आपकी शिक्षा वंचितों के लिए शक्ति का स्रोत बननी चाहिए।” उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने करियर के साथ-साथ सामाजिक योगदान को भी प्राथमिकता दें।
दीक्षांत समारोह को बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह को छात्रों के जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह वर्षों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने सभी स्नातकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के भविष्य पर विश्वास जताते हुए कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में अकादमिक उत्कृष्टता और शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा।