पटियाला में अवैध लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़, PCPNDT एक्ट के तहत FIR दर्ज। स्वास्थ्य मंत्री ने महिला भ्रूण हत्या पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने महिला भ्रूण हत्या और अवैध लिंग निर्धारण के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार PCPNDT एक्ट के तहत ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।
पटियाला में हाल ही में एक गुप्त (डिकॉय) ऑपरेशन के दौरान अवैध लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई में एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की गई, जिसका उपयोग गैरकानूनी रूप से भ्रूण के लिंग निर्धारण के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि PCPNDT एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार बेटी बचाओ अभियान और महिला सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों को निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
The Mann Government has zero tolerance for female foeticide and illegal sex determination.
Health Minister @AAPbalbir announced strict action under the PCPNDT Act after an illegal sex determination racket was busted in Patiala. During a decoy operation, officials seized a… pic.twitter.com/NLWIoN4vc1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 25, 2026
पंजाब में निगरानी व्यवस्था होगी और मजबूत
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में अवैध लिंग निर्धारण को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है। इसके तहत नियमित छापेमारी, डिकॉय ऑपरेशन और संयुक्त टीमों द्वारा जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है ताकि समाज में लैंगिक भेदभाव और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को खत्म किया जा सके।
बेटी बचाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार हर बेटी के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि मान सरकार ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का मानना है कि सख्त कानून प्रवर्तन और जनजागरूकता के जरिए ही समाज से लैंगिक भेदभाव को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।