पटियाला में मनीष सिसोदिया ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत MLAs को मैदान में उतरकर नेतृत्व करने की दी प्रेरणा।
आज पटियाला में पंजाब के आठ ज़िलों के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ ब्लॉक कॉर्डिनेटर्स के साथ संवाद आयोजित किया गया। इस टीम की सबसे बड़ी ताक़त उनके अनुभव और दर्द में निहित है। कई साथी ऐसे हैं, जिन्होंने खुद या अपने परिवार में किसी प्रियजन को नशे की लत से बर्बाद होते देखा है। इसलिए उनका संकल्प सिर्फ़ एक अभियान नहीं बल्कि एक मिशन है—कि अब किसी और माँ की गोद सूनी न हो और किसी और घर का चिराग न बुझे।
आज पटियाला में 8 ज़िलों के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के ब्लॉक कॉर्डिनेटर्स के साथ संवाद में शामिल हुआ…
इस टीम की सबसे बड़ी ताक़त उनका दर्द है। यहाँ कई ऐसे साथी हैं, जिन्होंने खुद या अपने परिवार में किसी अपने को नशे की दलदल में बर्बाद होते देखा है। इसलिए उनका संकल्प सिर्फ एक अभियान… pic.twitter.com/w1nHQ2Yvmb
— Manish Sisodia (@msisodia) March 24, 2026
मनीष सिसोदिया ने जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट कहा कि अपने-अपने हलकों में जहाँ भी नशा बिकता है, वहाँ केवल निर्देश देने के बजाय खुद जाकर इस लड़ाई का नेतृत्व करना ज़रूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब MLAs और जनप्रतिनिधि खुद आगे बढ़ेंगे, तो गाँव-गाँव में बनाई गई VDCs (Village Drug Committees) का हौसला कई गुना बढ़ जाएगा।
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मनीष सिसोदिया ने बताया कि यही हौसला पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने की असली ताक़त बनेगा। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही राज्य में नशा विरोधी अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ेगी और समाज के हर स्तर तक यह मिशन पहुंचेगा।
AAP के अनुसार, यह पहल पंजाब में नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है और राज्य में सामाजिक जागरूकता और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करेगी।