पंकज राणसरिया: पालभाई आंबलिया पक्षपात करके किसानों को गुमराह कर कांग्रेस की राजनीति चमका रहे हैं

पंकज राणसरिया: पालभाई आंबलिया पक्षपात करके किसानों को गुमराह कर कांग्रेस की राजनीति चमका रहे हैं

किसान नेता पंकज राणसरिया: AAP के कई नेताओं ने राजनीति से दूर रहकर किसान के रूप में आंदोलन का समर्थन किया, तब कुछ नेताओं के पेट में दर्द होने लगा

किसान नेता पंकज राणसरिया ने कहा कि आज किसानों के कलेजे समान खेतों में बिजली लाइनों के खंभे कंपनियों द्वारा जबरदस्ती खड़े किए जा रहे हैं। तानाशाही सरकार के तंत्र के सहारे बिना एक भी रुपये का उचित मुआवजा दिए कंपनियां किसानों के खेतों को खोद रही हैं, खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं और किसानों की अनुमति लिए बिना खंभे लगा रही हैं। इस अन्याय के खिलाफ किसानों के बेटे के रूप में और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में हम लंबे समय से किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लड़ाई किसानों के अधिकारों की है, चाहे वह जेतपर गांव हो, कोंढ गांव हो या कोई अन्य क्षेत्र हो जहां से हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं। जब हमने किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और समर्थन घोषित किया, तब हमारा कर्तव्य था कि हम किसानों के साथ खड़े रहें। आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने भी राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के हित में अपना समर्थन घोषित किया है।

also read: मनोज सोरठिया: किसानों की ट्रैक्टर रैली में आम आदमी पार्टी…

किसान नेता पंकज राणसरिया ने आगे कहा कि जब मैंने सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियां देखीं, खासकर पालभाई आंबलिया की, तब मुझे आश्चर्य हुआ। यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं है, यह लड़ाई तानाशाही सरकार के खिलाफ है, किसानों के मुद्दों की है और किसानों के अधिकारों की है। फिर इस आंदोलन को पक्षपात और राजनीतिक रंग देने का प्रयास क्यों किया जा रहा है? मैं पालभाई से मीडिया के माध्यम से कहना चाहता हूं कि बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय किसानों के अधिकारों के लिए सभी को एक होना चाहिए।

आज आप इस लड़ाई को निजी बनाकर, पक्षपात पैदा करके और किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। जब किसानों के लिए संघर्ष करने का समय हो तब सभी किसान नेताओं और किसानों के बेटों को मिलकर लड़ना चाहिए, पक्षपात करके आंदोलन को कमजोर नहीं बनाना चाहिए। पालभाई, आप किसानों के आंदोलन और किसानों की एकता को तोड़ने की कोशिश न करें। आपके बयानों से ऐसा लग रहा है कि आप किसानों को गुमराह करने और 15 तारीख के किसान आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। यह लड़ाई कांग्रेस की नहीं बल्कि किसानों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई है। ऐसी ओछी राजनीति किसान कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

Related posts

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में टिफिन बैठक में लिया हिस्सा, कार्यकर्ताओं के समर्पण को बताया संगठन की ताकत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में युवाओं से किया संवाद, कहा- युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत

AAP पंजाब मीडिया प्रभारी ने पेपर लीक मामले और किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की